बीरबल महतो, ठाकुरगंज (किशनगंज)। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सीमांचल के किशनगंज जिले में वर्षों से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रही नेपाली मूल की विवाहित महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। केंद्र एवं राज्य सरकार के आदेश के आलोक में और जिला प्रशासन की सक्रिय पहल के बाद जिले के सभी प्रखंडों में भारत में विवाह करने वाली नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने हेतु विशेष नागरिकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य भारत में विवाह कर वर्षों से रह रही पात्र नेपाली मूल की महिलाओं को भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
शुरू किए गए नागरिकता शिविर
08 जुलाई 2026 को जिले के सभी सातों प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित पहले विशेष नागरिकता शिविर में सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बड़ी संख्या में नेपाली मूल की महिलाएं अपने पति एवं परिजनों के साथ आवश्यक दस्तावेज लेकर शिविर में पहुंचीं। पूरे दिन आवेदन जमा करने, दस्तावेजों के सत्यापन और नागरिकता संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। शिविर में मौजूद अधिकारियों और कर्मियों ने आवेदिकाओं का मार्गदर्शन करते हुए आवेदन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया।
भारतीय पुरुषों से हुआ है नेपाली महिलाओं का विवाह
बताते चलें कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं रहती हैं जिनका विवाह भारतीय नागरिकों से हुआ है और वे कई वर्षों से अपने परिवार के साथ भारत में रह रही हैं। इसके बावजूद नागरिकता संबंधी प्रक्रिया जटिल होने के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, पहचान संबंधी दस्तावेज बनवाने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर लगने से इन महिलाओं को जिला मुख्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, ठाकुरगंज विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने इस जनहित के मुद्दे को लगातार जिला प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष उठाया था। विधायक की पहल के बाद जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए विशेष नागरिकता शिविर आयोजित करने का आदेश दिया। इसके तहत 8 जुलाई, 15 जुलाई और 22 जुलाई 2026 को प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में शिविर लगाकर इच्छुक आवेदकों से आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं।
जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार, भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5(1)(C) एवं धारा 6(1) के अंतर्गत पात्र आवेदकों से नियमानुसार आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को जागरूक करें, आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन स्वीकार करें तथा दस्तावेजों का सत्यापन कर सभी आवेदन जिला सामान्य शाखा, किशनगंज को उपलब्ध कराएं। इस कार्य को प्रशासन ने अतिमहत्वपूर्ण श्रेणी में रखा है।
नागरिकता के लिए चल रही प्रक्रिया
शिविर में अधिकारियों ने महिलाओं को नागरिकता प्राप्त करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन की शर्तों तथा आगे की कार्रवाई की विस्तार से जानकारी दी। जिन महिलाओं के दस्तावेज अधूरे पाए गए, उन्हें आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने तथा अगली निर्धारित तिथि पर आवेदन जमा करने की सलाह दी गई। शिविर में पहुंचीं महिलाओं ने इस पहल को राहत भरा कदम बताते हुए कहा कि पहले नागरिकता के लिए बार-बार जिला मुख्यालय जाना पड़ता था और प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती थी। अब प्रखंड स्तर पर ही आवेदन, दस्तावेजों की जांच और अधिकारियों से मार्गदर्शन मिलने से पूरी प्रक्रिया काफी आसान और पारदर्शी हो गई है।
जिला प्रशासन ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने-अपने प्रखंड मुख्यालय में आयोजित विशेष नागरिकता शिविर में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करें। प्रशासन का मानना है कि इस विशेष अभियान से सीमा क्षेत्र में रहने वाली बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को नागरिकता प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी और उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

















