शरिया या पर्सनल लॉ से ऊपर देश का कानून! बाल विवाह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, याचिका खारिज
August 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

शरिया या पर्सनल लॉ से ऊपर देश का कानून! बाल विवाह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर बाल विवाह मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि शरिया या कोई भी पर्सनल लॉ बाल विवाह निषेध कानून (PCMA) से ऊपर नहीं हो सकता।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Jul 9, 2026, 01:26 am IST
in भारत, उत्तर प्रदेश
Allahabad High Court

भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में मुस्लिम समुदाय एक बात को लेकर बहस करता है, और वह है देश के कानून से ऊपर शरिया अर्थात इस्लामी कानून को मानने का। अभी हाल ही में महाराष्ट्र की भी एक नेता ने भी तीन तलाक और एक से ज्यादा शादियों को लेकर शरिया के पालन की बात कही थी। भारत में मुस्लिम समुदाय के नेता और मुस्लिम समुदाय के लोग भी वैसे तो अक्सर यही कहते हैं कि वे वतन की इज्जत करते हैं, मगर उन्हें शरिया के हिसाब से ही जीना है।

अब इसका अर्थ क्या हुआ? क्या इसका अर्थ यह है कि मुल्क या कहे वतन की इज्जत तभी हो पाएगी, जब देश से कानून से ऊपर शरिया होगा? और यह एक लंबा युद्ध है, जो बार-बार एक अंधे मोड पर जाकर समाप्त हो जाता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, उत्तर प्रदेश से।

यह मामला है उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का, जहाँ पर एक 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की की शादी को रोक दिया गया। पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम ने शादी को रोका और उन्हें इसके चलते हमला और धमकी दोनों ही झेलनी पड़ीं। लड़की के परिवारवालों पर एफआईआर भी दर्ज हुई, कि उन्होनें पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम के काम में बाधा डाली थी। यह भी आरोप लगा कि ये लोग लड़की को भी चाइल्ड लाइन टीम के सदस्य से छीनकर ले गए थे।

ये 19 लोग 15 फरवरी 2026 को अपने पर दर्ज एफआईआर रद्द कराने के लिए न्यायालय गए थे। उनका कहना था कि चूंकि शरिया में लड़की मासिक धर्म आरंभ होने के बाद शादी लायक हो जाती है, तो उन पर कोई मुकदमा बनता ही नहीं है और वे उस लड़की की शादी कर सकते थे।

मगर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन सभी लोगों की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस जे जे मुनीर और अचल सचदेवा ने 19 लोगों की एफआईआर की याचिका को रद्द करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का कोई भी पर्सनल लॉ, फिर चाहे वह मुस्लिम पर्सनल लॉ हो या कोई और, वह Prohibition of Child Marriage Act, 2006 के द्वारा बाल विवाह पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन नही कर सकता है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि शरिया जो मासिक धर्म आरंभ होते ही लड़की की शादी करने की इजाजत देती है, वह साफ तौर से बाल विवाह और उन कानूनों के खिलाफ है, जो नाबालिगों के बीच यौन संबंधों को प्रतिबंधित करते हैं।

न्यायालय ने केरल उच्च न्यायालय के निर्णय से सहमति जताई

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की इस बेंच ने यह अवश्य कहा कि इस विषय में विरोधाभासी विचार होते हैं, मगर उन्होनें केरल उच्च न्यायालय के वर्ष 2024 के निर्णय से सहमति जताई कि कोई भी पर्सनल लॉ बाल विवाह निषेध कानून को ओवरराइड नहीं कर सकता, फिर चाहे आप किसी भी धर्म का पालन करते हों।

न्यायालय ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस विषय पर 2025 में संदेह व्यक्त किया था, कि क्या पर्सनल कानून बाल विवाह निषेष कानून पर हावी हो सकते हैं, परंतु prohibition of Child Marriage (Amending) Bill 2021 लोकसभा भंग होने से पास नहीं हो पाया।

न्यायालय ने पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम की सराहना की

यह ध्यान देने वाली बात है कि न्यायालय ने पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम की सराहना की, कि उन्होनें लड़की को बचाने के लिए बहुत निष्ठा से कार्य किया।

यह निर्णय भारत के मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मुस्लिम लड़कियों को जल्दी शादी से छुटकारा मिल सकता है क्योंकि अभी तक लोग शरिया का सहारा लेकर लड़कियों की जल्दी शादी कर देते थे। अब ऐसे लोगों को कानूनी कार्यवाही का डर रहेगा, और मुस्लिम समुदाय की लड़कियों के लिए भी अवसरों के नए दरवाजे खुल सकते हैं।

विकसित मुस्लिम देशों में क्या है लड़कियों की शादी की उम्र

जब भी हम मुस्लिम देशों की बात करते हैं, तो कुछ ही देशों तक रुक जाते हैं, जैसे कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान या फिर ईराक! परंतु विश्व में जो विकसित मुस्लिम मुल्क हैं, और जो अपनी बेटियों को आगे बढ़ने के तमाम अवसर दिला रहे हैं, वहाँ पर लड़कियों की शादी की उम्र प्राय: 18 वर्ष है। तुर्की, ट्यूनीशिया, मोरक्को और इंडोनेशिया जैसे देशों में शादी की न्यूनतम उम्र 18–19 वर्ष तय की गई है। मोरक्को में न्यायालय की अनुमति से छूट जरूर है, मगर अधिकतर शादी की उम्र लड़कियों के लिए 18 ही है। इंडोनेशिया में लड़के और लड़की दोनों के लिए ही शादी की उम्र 19 वर्ष है।

पाकिस्तान में जरूर कहने के लिए यह उम्र 18 वर्ष है, मगर इसे माना नहीं जाता है। हाल ही में पंजाब सरकार ने बाल निकाह को रोकने के लिए एक कानून बनाने का प्रयास भी किया था, मगर कट्टरपंथियों ने इसे लागू नहीं होने दिया। उन्होनें यह तर्क दिया था कि गर शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष कर दी गई तो वे हिन्दू लड़कियों का निकाह नहीं करवा पाएंगे, क्योंकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को अक्सर कम उम्र में जबरन शादी के लिए निशाना बनाया जाता है।

पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान, ईराक जैसे देशों में शादी की उम्र निर्धारित नहीं है और इसके परिणाम स्वरूप वहाँ पर लड़कियों की भागीदारी भी आर्थिक योगदान में काफी कम है।

देखना होगा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत किया जाता है या फिर इस निर्णय का विरोध किया जाएगा, जिसमें बेटियों को ध्यान में रखकर कहा गया है कि “शरीयत/मुस्लिम पर्सनल लॉ  के अनुसार puberty पर शादी की अनुमति भारतीय कानूनों — Prohibition of Child Marriage Act, 2006 (PCMA) और POCSO Act — के खिलाफ है, और भारत में सभी धर्मों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष समान रूप से लागू होती है।“

 

Topics: Legal News IndiaSharia vs Child Marriage Actइलाहाबाद हाईकोर्ट ऐतिहासिक फैसलाProhibition of Child Marriage Act 2006मुस्लिम पर्सनल लॉ बाल विवाहजस्टिस जे जे मुनीरबुलंदशहर बाल विवाह एफआईआरKerala High Court Judgement 2024Panchjanya news
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का प्रेस ब्रीफिंग करते हुए

PoJK में चुनाव पूरी तरह ढोंग और नाटक: भारत का पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार, कहा- नागरिकों की हत्या छुपाने को रचा गया स्वांग

“36 देशों से 274 भगोड़े लाए गए भारत” : 7 साल में मोदी सरकार का जबरदस्त एक्शन, 17874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त!

Bharatiya Shikshan Mandal B Shankaranand Nagpur Vyas Pujan Dhanwate National College Panchjanya

“गुरु पद या उपाधि नहीं, जीवनभर सीखने की प्रक्रिया”: नागपुर में भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा ‘व्यास पूजन’ का आयोजन

ED Raid Punjab Minister Sanjeev Arora PSIEC Chandigarh Udyog Bhawan Money Laundering Scam Panchjanya

पंजाब: मनी लांड्रिंग में फंसे AAP के मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्यालय समेत 12 ठिकानों पर ED की रेड, फाइलें जब्त!

“घुसपैठियों के नाम हटने से कांग्रेस में हताशा”: मतदाता सूची विवाद पर महेंद्र भट्ट का तीखा हमला, SIR को बताया संवैधानिक!

Uttarakhand Chief Electoral Officer Dr BVRC Purushottam Dehradun Voting Center Inspection Panchjanya

देहरादून में मतदान केंद्रों पर पहुंचे CEO डॉ. पुरुषोत्तम: BLO स्तर पर नोटिस निपटाने के निर्देश, मतदाताओं से लिया फीडबैक

Load More

ताज़ा समाचार

‘द्वेष भाव से दी गई गालियां देती हैं गहरे घाव’

पंजाब: पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार तस्करी का प्रयास नाकाम, सात पिस्तौल; ग्राफर गन और 89 कारतूस जब्त

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 50 लाख से ज्यादा परिवारों को मिला फायदा, 12 लाख लोगों ने बिजली बेच कमाए 421 करोड़

(Image created by AI)

उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने फिर मचाई तबाही, देहरादून-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी

CM Yogi Aadityanath Ram Mandir Dhrama Dhwaja rohan

उत्तर प्रदेश सरकार का ऐतिहासिक कदम, मदरसा बोर्ड अब कामिल-फाजिल डिग्री नहीं देगा

NCPCR Sent notice to Meta

NCPCR ने मेटा को नोटिस जारी किया: इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण कंटेंट और विज्ञापनों की जांच शुरू

Punjab police busted ISI terror module

जंतर-मंतर हमले की साजिश नाकाम: अमृतसर पुलिस ने पकड़े ISI से जुड़े गिरोह, बरामद हुए बम-पिस्तौल

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने के बाद आया बदलाव

बांग्लादेश में छात्र गुटों के बीच टकराव

शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह करने वाले छात्र संगठनों के बीच भयानक जंग, बांग्लादेश में रंगपुर से लेकर ढाका तक अशांति

FCRA Bill 2026 relay moore

FCRA बिल 2026: कानून भारत में बन रहा, पर दिक्कत अमेरिका को क्यों?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies