कर्णावती/अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता और डिग्री विवाद से जुड़े मानहानि केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को सेशंस कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।
अहमदाबाद सेशंस कोर्ट ने भी अब केजरीवाल की अर्जी खारिज कर दी है। पीएम मोदी की डिग्री के दस्तावेजों की मांग करने वाली याचिका पहले मेट्रो कोर्ट ने भी खारिज कर दी थी।
सेशंस कोर्ट ने रिवीजन याचिका की खारिज
सेशंस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज बी.बी. पटेल ने अरविंद केजरीवाल द्वारा दाखिल की गई रिवीजन याचिका को सख्त रुख के साथ खारिज कर दिया है। गौरतलब है कि पीएम मोदी की डिग्री के दस्तावेज पेश करने की मांग वाली याचिका निचली कोर्ट (मेट्रो कोर्ट) द्वारा खारिज किए जाने पर केजरीवाल ने यह रिवीजन याचिका दाखिल की थी। हालांकि, कोर्ट ने उसे नामंजूर कर दिया था।
मेट्रो कोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती
केजरीवाल की ओर से सेशंस कोर्ट में मौजूदा रिवीजन याचिका दाखिल कर मेट्रो कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसका सरकार पक्ष और शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से कड़ा विरोध किया गया।
सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने रखी यह दलील
सरकार पक्ष और शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता की रिवीजन याचिका किसी भी तरह से टिक नहीं सकती और मेट्रो कोर्ट ने जो आदेश दिया है, वह पूरी तरह सही और कानूनसम्मत है।
दलील में यह भी कहा गया कि केजरीवाल द्वारा अतीत में दिए गए मानहानिकारक बयानों को बाद में सही और उचित ठहराने के लिए कानूनी प्रक्रिया का इस प्रकार की अर्जी के माध्यम से दुरुपयोग करने का प्रयास किया गया है। कानून और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने वाली इस अवरोधक याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने याचिका को किया नामंजूर
सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए सेशंस कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की रिवीजन याचिका खारिज कर दी।

















