नई दिल्ली। भारत सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के मुद्दे पर लताड़ लगाई है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पाक को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख पहले जैसा ही है। जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करेगा यह संधि स्थगित रहेगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अगर पाकिस्तान चाहता है कि सिंधु जल संधि पर आगे बात हो तो उसे सीमा पार आतंकवाद का समर्थन हमेशा के लिए पूरी तरह बंद करना होगा।
तीस्ता नदी परियोजना पर विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
रणधीर जायसवाल ने कहा कि वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जहाज पर जान गंवाने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान के शव के साथ कथित छेड़छाड़ और अंग निकाले जाने के मामले को वहां की सरकार के सामने उठाया गया है। भारत ने इसे लेकर वहां की सरकार से जल्द और निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने तीस्ता नदी परियोजना पर कहा कि भारत की ओर से मदद दोनों देशों की आपसी सहमति से बने रोडमैप के आधार पर दी जाती है। इसकी नियमित समीक्षा भी की जाती है। तीस्ता नदी परियोजना पर भारत अपने विचार पहले ही बांग्लादेश को बता चुका है। इस मुद्दे पर आगे की अपनी नीति बनाने समय हम संभी संबंधित पहलुओं को ध्यान में रखेंगे।
उन्होंने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों को लेकर भी अपनी बात रखी। रणधीर जायसवाल ने कहा कि अफगानिस्तान के मामले में, हमने पाकिस्तान से अफगानिस्तान पर हुए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई आम नागरिकों की जान चली गई थी। हमने अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपना मजबूत समर्थन भी दोहराया था।
सिंधु जल समझौते के स्थगित होने पर बिलबिला रहा पाकिस्तान
सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान बिलबिला रहा है। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि यह समझौता फिलहाल स्थगित रहेगा। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। पाकिस्तान बार-बार अलग-अलग मंचों से कह रहा है कि भारत इस समझौते को निलंबित नहीं कर सकता है। हाल ही में पाकिस्तान के मंत्री ने अताउल्लाह तरार ने एक सेमिनार में कहा था कि भारत इस जल समझौते को संशोधित, रद्द या निलंबित नहीं कर सकता है। लेकिन भारत हर बार उसे लताड़ लगाते हुए स्पष्ट कर चुका है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करेगा यह समझौता स्थगित रहेगा।

















