नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हुई हिंसा और बर्बरता पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का कहना है कि हम इस मामले में पाकिस्तान की ओर से फेक न्यूज़ और वीडियो फैलाने का सिलसिला देख रहे हैं। यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है। उन्होंने कहा कि PoJK में बर्बरता की खबरें आ रही हैं। जिसमें कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। हमें उम्मीद है कि अंतराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
PoJK में 30 से अधिक लोगों की मौत…200 घायल
PoJK में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्स के बीच झड़प में 30 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 200 लोग घायल हुए हैं। यह झड़प तब हुई जब अधिकारियों ने ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्स ने आम लोगों और शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग किया और कई लोगों की मौत हो गई। पाक सेना के प्रदर्शन कर रही जनता पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तान रेंजर्स, पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस ने गोलीबारी की।

पाकिस्तानी सेना ने कुछ दिनों पहले अपने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी। जिसमें कई लोगों की जान गई। इस गोलीबारी के बाद पाकिस्तानी सेना ने घटना का बचाव करते हुए दावा किया कि उन पर संकरी गलियों से हथियारों और पेट्रोल बम से हमला किया गया था। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई शुरू की। पाकिस्तान ने जनता के इस प्रदर्शन की आवाज को दबाने की कोशिश में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद मीरपुर, मुजफ्फरबाद, गिलगित-बाल्टिस्तान, दादियाल, रावलकोट, सुधनोती और तत्तापानी में विरोध प्रदर्शन फैल गए हैं।

















