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पश्चिम बंगाल में UCC की तैयारी: शुभेंदु सरकार आज विधानसभा में लाएगी समान नागरिक संहिता, पब्लिक सेफ्टी बिल भी

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार आज विधानसभा के विशेष सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) समेत 5 अहम विधेयक पेश करने जा रही है। कानून-व्यवस्था सुधार और व्यक्तिगत कानूनों को एक करने की दिशा में बड़ा कदम।

Published by
कुलदीप सिंह

पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के साथ ही वहां पर बड़े बदलाव भी होने शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार भी राज्य में समान नागरिक संहिता लाने की तैयारी में है। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए आज (सोमवार को) विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार चार अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन की पटल पर रखेगी।

UCC विधेयक की अहमियत

उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब पश्चिम बंगाल भी UCC लाने की तैयारी में है। भाजपा ने चुनावी घोषणा-पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने के छह महीने के अंदर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। सरकार अब उस वादे को पूरा करने के लिए समय सीमा से पहले ही यह विधेयक ला रही है।

UCC का मकसद राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लाना है, खासकर शादी, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत मामलों में।

अन्य चार विधेयक क्या हैं

UCC के साथ-साथ सरकार चार और अहम बिल पेश करेगी। इनमें से एक बिल अवैध तरीके से कमाई गई संपत्तियों को जब्त करने और उनकी नीलामी से जुड़ा है। सबसे चर्चित दूसरा बिल पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026 है। इसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मॉडल पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में बढ़ती गुंडागर्दी पर लगाम लगाना है।

सुरक्षा विधेयक में क्या हैं प्रावधान

यह कानून संगठित अपराध, अवैध खनन, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की बात करता है। प्रस्तावित कानून में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति जन सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है तो उसे एक साल तक हिरासत में रखा जा सकता है। साथ ही अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की भी व्यवस्था रखी गई है।

कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में अहम कदम

अधिकारी सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने और व्यक्तिगत कानूनों को एक समान बनाने की दिशा में ये कदम उठा रही है। आज के विशेष सत्र में इन विधेयकों को पेश करने के बाद आगे चर्चा और पास करने की प्रक्रिया होगी।

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