उत्तराखंड, असम, गुजरात के बाद पश्चिम बंगाल में भी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी को कार्यभार ग्रहण के 50 दिनों के अंदर ही यूसीसी का मसौदा तैयार कर लिया गया है और कैबिनेट में से तुरंत मंजूरी मिलने की संभावना है। भाजपा शासित राज्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी यूसीसी लागू करने की तैयारी चल रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र अगले हफ्ते तक जारी रहेगा, इसलिए पूरी संभावना है कि पश्चिम बंगाल में भी जल्द यूसीसी लागू किया जाएगा। 294 सदस्य की विधानसभा में विपक्ष 50 का भी आंकड़ा छू सकेगा, इसकी संभावना नहीं के बराबर है। कुछ दल बहिष्कार कर सकते हैं क्योंकि यूसीसी उनके लिए परेशान करने वाला मुद्दा है। वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के दो सदस्य हैं वही भाकपा माले का एक सदस्य है। ममता बनर्जी के पाले में अभी तृणमूल कांग्रेस के कुल 80 विधायकों में कितने विधायक बचे हैं, यह तय नहीं है। अनुमानों के अनुसार उनके पास लगभग 15 विधायक हैं। पश्चिम बंगाल में फिलहाल सरकार के यूसीसी विधेयक को 200 से अधिक सदस्यों का समर्थन मिलता दिख रहा है।
मुस्लिम महिला को मिलेगा समान अधिकार
यूसीसी लागू होने के बाद पुरुष और महिला दोनों को कोर्ट के माध्यम से ही तलाक लेना होगा। मुस्लिम समाज में वर्तमान में पुरुषों को ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं। मुस्लिम पुरुष अपने मन से तलाक दे सकता है, जबकि महिला को काजी के पास खुला लेने जाना पड़ता था जो अमूमन नहीं दिया जाता था क्योंकि सारे काजी पुरुष होते हैं। महिला नमाज पढ़ने मस्जिद में नहीं जा सकती हैं तो काजी होने की बात तो बहुत दूर की कौड़ी है।
पुरुषों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
यूसीसी के बाद दूसरा बड़ा परिवर्तन मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा पुरुषों को दिया गया विशेषाधिकार समाप्त हो जाएगा। इसके अतिरिक्त जिस प्रकार से हिंदुओं में या हिंदू कोड बिल में सम्पति का बटवारा होता है उसी प्रकार से मुस्लिम समाज में भी करना पड़ेगा। शादी का भी रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा, मुस्लिम पुरुष एक से अधिक शादी नहीं कर पाएंगे, हलाला नहीं कर पाएंगे। तीन तलाक पहले ही अपराध घोषित किया जा चुका है तो उसका तो प्रश्न ही नहीं उठता।
महाराष्ट्र में भी जल्द लागू हो सकता है यूसीसी
यूसीसी को लागू करने में पश्चिम बंगाल के बाद अगला नाम महाराष्ट्र का हो सकता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि वह जल्दी ही यूसीसी को लाने की योजना बना रहे है। इस कड़ी में मध्य प्रदेश और राजस्थान का भी नाम शीघ्र जुड़ने की संभावना है।
















