मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र के भायखला इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हजारों लोगों की जान लेने की साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी को गिरफ्तार किया है जो जुलूस में शामिल लोगों को इम्यूनिटी बूस्टर और दर्द निवारक गोलियां बताकर जहरीले कैप्सूल बांट रहा था।
भीड़ को जहर खिलाने का बनाया था प्लान
यह पूरी घटना मुंबई के रे रोड पर रहमताबाद कब्रिस्तान के पास आयोजित मुहर्रम के आशूरा जुलूस की है। पकड़े गए आरोपी फैयाज ने भीड़ का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह करना शुरू किया। वह लोगों को यह यकीन दिला रहा था कि ये कैप्सूल उनकी ताकत और इम्यूनिटी को बढ़ाएंगे। उसकी बातों में आकर 11 लोगों ने उन कैप्सूलों का खा लिया। दवा खाते ही सलमान सईद नाम के एक युवक सहित अन्य लोगों को अचानक पेट में तेज दर्द, मरोड़ और उल्टियां होने लगीं। सभी पीड़ितों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के बाद वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
महिला वॉलंटियर्स ने नाकाम की साजिश
इस त्रासदी को रोकने का पूरा श्रेय वहां तैनात 3 महिला वॉलंटियर्स को जाता है। उन्होंने फैयाज को संदिग्ध तरीके से गोलियां बांटते हुए देखा, उन्हें उसपर शक हुआ और उसे रोका। जब आरोपी ने इसे ताकत की दवा बताया तो महिलाओं ने एक कैप्सूल को खोलकर देखा। उसके अंदर एक अजीब सा पाउडर देखकर उनका शक गहरा गया।
उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया और फैयाज को पकड़कर उन्हें को सौंप दिया। इसके तुरंत बाद लाउडस्पीकर से घोषणा की गई कि कोई भी व्यक्ति उस शख्स द्वारा बांटी गई दवाइयों को न खाए।
मुंबई की डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जयंत मीणा के अनुसार, आरोपी के पास से करीब 14900 तैयार कैप्सूल बरामद किए गए हैं। इसके अलावा उसने 30,00 खाली कैप्सूल और 50 किलोग्राम फास्फोरस का ऑर्डर भी दे रखा था। इनके जरिए वह बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की तैयारी में था।
‘कम से कम 15000 लोगों को मारना चाहता था’
पुलिस की पूछताछ में आरोपी फैयाज ने जो बात कुबूल की, उसने सुरक्षा अधिकारियों के होश उड़ा दिए। उसने बिना किसी पछतावे के पुलिस से कहा कि उसका मकसद जुलूस में शामिल कम से कम 15000 लोगों को मौत के घाट उतारना था। आरोपी बीबीए ग्रेजुएट है। उसका पेंट का बिजनेस है। उसकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगालने पर पुलिस को पता चला कि वह पहले ईरान और इराक जैसे देशों की यात्रा भी कर चुका है।
बताया जा रहा है कि अरोपी तलाकशुदा है और अकेले पुणे में रहता है। वारदात वाले दिन से 15 दिनों पहले वह मुंबई आया था और एक होटल में ठहरा हुआ था। फिलहाल भायखला पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 123 (किसी अपराध को अंजाम देने के इरादे से जहर या हानिकारक पदार्थ से नुकसान पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट से 2 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।
बहुत खतरनाक होता है जिंक फॉस्फाइड
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने कैप्सूल के अंदर जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide) मिलाया था। यह एक बेहद घातक रासायनिक यौगिक है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से चूहे मारने की दवाओं में किया जाता है। जब यह इंसानी पेट में मौजूद गैस्ट्रिक एसिड से प्रतिक्रिया करता है तो बहुत जहरीली फॉस्फीन गैस बनाता है। यह गैस शरीर के मुख्य अंगों जैसे दिल, फेफड़े, किडनी और मस्तिष्क पर अटैक करती है और ये तुरंत काम करना बंद कर देते हैं। इस जहर का कोई एंटीडोट (तोड़) न होने के कारण यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता था।

















