पाञ्चजन्य बना लोकतंत्र सेनानियों की आवाज:  छात्रों को पढ़ाया जाएगा आपातकाल का इतिहास, NCERT ने पाठ्यक्रम में किया शामिल
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पाञ्चजन्य बना लोकतंत्र सेनानियों की आवाज:  छात्रों को पढ़ाया जाएगा आपातकाल का इतिहास, NCERT ने पाठ्यक्रम में किया शामिल

लोकतंत्र सेनानी संघ दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष राजन ढींगरा ने कहा कि हम इस बात के लिए प्रयासरत थे कि आपातकाल का इतिहास स्कूली पाठ्यक्रम में समाहित हो। इसके लिए संगठन ने 5 जून को दिल्ली विधानसभा में उपवास भी किया था। पाञ्चजन्य ने कार्यक्रम से पहले और बाद में हमारे कार्यक्रम को प्रमुखता से स्थान दिया था, जिस कारण हमारी आवाज सरकार तक पहुंच सकी

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jun 25, 2026, 02:36 pm IST
inभारत
आपातकाल का सच

आपातकाल का सच

25 जून 1975, यह वह तारीख है जिस दिन भारत में आपातकाल थोपा गया। सत्ता के मद में चूर सरकार ने जनता को बेड़ियों से जकड़ दिया। लेकिन, इस कठिन दौर में भी लोक की चेतना जाग्रत रही। लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष किया। भारत के इतिहास में दोबारा ऐसा काला कालखंड न आए, इसलिए उन्होंने इसकी सच्चाई आने वाली पीढ़ियों को बताने का बीड़ा उठाया। लोकतंत्र सेनानियों की आवाज पाञ्चजन्य बना और आखिरकर इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

लोकतंत्र सेनानी संघ दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष राजन ढींगरा ने कहा कि हम इस बात के लिए प्रयासरत थे कि आपातकाल का इतिहास स्कूली पाठ्यक्रम में समाहित हो। इसके लिए संगठन ने 5 जून को दिल्ली विधानसभा में उपवास भी किया था। पाञ्चजन्य ने कार्यक्रम से पहले और बाद में हमारे कार्यक्रम को प्रमुखता से स्थान दिया था, जिस कारण हमारी आवाज सरकार तक पहुंच सकी और आज सरकार ने नौवीं कक्षा में आपातकाल का इतिहास समाहित करने की घोषणा कर दी। बता दें कि  लोकतंत्र सेनानी संघ 1975 आपातकाल बंदियों का अखिल भारतीय संगठन है।

राज कुमार सपरा (महामंत्री लोकतंत्र सेनानी संघ दिल्ली प्रदेश) ने कहा कि दिल्ली प्रदेश लोकतंत्र सेनानी संघ ने 5 जून को दिल्ली विधानसभा पर सांकेतिक उपवास किया था और दिल्ली सरकार को दिल्ली के 10 हजार नागरिकों के हस्ताक्षर सहित ज्ञापन सरकार को सौंपा था जिसमें कई मांगे थीं – आपातकाल के इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में समाहित किया जाए, दिल्ली के लोकतंत्र सेनानियों को अन्य भाजापा शासित राज्यों की तरह सम्मान दिया जाए, संविधान का हत्यारा कौन स्पष्ट रूप से उस दल का नाम लिया जाए।

आज सरकार ने घोषणा कर दी है NCERT की नौवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में आपातकाल का इतिहास समाहित किया जाएगा । हम सब को विश्वास है कि जल्द ही दिल्ली सरकार दिल्ली के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने की घोषणा जल्द करेगी। जब तक सेनानियों को सम्मान नहीं मिलता, हम सब बिना रुके, बिना हारे बिना थके संघर्ष करते रहेंगे।

एनसीईआरटी ने नौवीं में शामिल किया चैप्टर

एनसीईआरटी ने सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक अंडरस्टैंडिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड में पेज नंबर 155 में आपाताकाल को जगह दी है। इसमें बताया गया है कि देश में इमरजेंसी कब लगाई गई और कब तक थी। इसने कैसे आम लोगों के मौलिक अधिकार को खत्म कर दिया था। इसमें जयप्रकाश नारायण जी द्वारा चलाए गए आंदोलन का भी जिक्र है।

Topics: आपातकाल 1975हिटलर-गांधी25 जून 1975आपातकाल का सच
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