Emergency 25 June 1975 : निर्वस्त्र करके पीठ पर टायर से मारते थे, आज भी पैर सुन्न हो जाते हैं
August 8, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

Emergency 25 June 1975 : निर्वस्त्र करके पीठ पर टायर से मारते थे, आज भी पैर सुन्न हो जाते हैं

कोतवाली में पहुंचते ही हम सबको उल्टा लिटाकर पैरों के तलवों में लाठी मारी गई। फिर एक एक को अलग करके पूछताछ का दौर शुरू हुआ

Written bySudhir Kumar PandeySudhir Kumar Pandey
Jun 25, 2026, 11:13 pm IST
inभारत
इमरजेंसी फाइल्स-3 (राजन ढींगरा)

इमरजेंसी फाइल्स-3 (राजन ढींगरा)

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का वह दौर था जब जनता की आवाज दबाई गई। यातना दी गई, जेल होती थी तो न जमानत और न अपील। समाज में भय का माहौल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लोक की आवाज मुखर की। स्वयंसेवक न केवल जेल गए बल्कि बलिदान भी दिया। दिल्ली में इस क्रूरता के शिकार हुए थे राजन ढींगरा।

वह आपातकाल का माहौल याद कर बताते हैं कि दिनांक 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा के समय स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र था। आपातकाल की घोषणा के लगभग 10 दिन पश्चात तत्कालीन विभाग प्रचारक श्री सुमैया जी मेरे निवास स्थान पर आये। उन्होंने एक सम्पन्न होने वाली बैठक की सूचना देकर कहा कि इस बैठक में आप अपेक्षित हैं। बैठक का स्थान पूछने पर उन्होंने कहा कि हमें सुभाष नगर पहुँचना है। सुभाष नगर बस स्टैंड पर आप मिलना। मैं और सुमैया जी सुभाष नगर बस स्टैंड पर चल पड़े। मैंने रास्ते में सुमैया जी से पूछा कि बैठक किस स्थान पर है। सुमैया जी ने कहा कि मुझे बैठक का स्थान तो पता नहीं है, लेकिन गली के दाहिने हाथ में मकान है और उस घर के बाहर लाल और सफेद रंग की दो चादरें सूखने के लिए डाली हुई हैं, हमें उसी घर में जाना है। हम निर्धारित समय पर उस स्थान पर पहुँच गये। बैठक स्थानीय संघ के अधिकारी माननीय ईश जी चडढ़ा ने ली। हमें यह निर्देश दिया गया कि हमें पुलिस से बचते हुए अन्य कार्यकर्त्ताओं से सम्पर्क बनाये रखना है। तथा कुछ समय बाद अपना साहित्य जनवाणी के रूप में छप कर आ जायेगा। जो स्वयंसेवकों तक पहुँचाना है। इस प्रकार निरन्तर बैठकों का क्रम चलता रहा।

इसी क्रम में 30 अक्टूबर को बैठक हुई और उस बैठक में मुझे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ 31 अक्टूबर को सत्याग्रह करने का आदेश दिया गया। (जबकि सारे देश में नवम्बर माह में सत्याग्रह शुरू होने थे परन्तु विशेष परिस्थिति एवं कारण से इस दिन सत्याग्रह करने का निर्णय लिया गया था।) क्योंकि इस दिन राष्ट्रमण्डल देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत समारोह दिल्ली के लाल किला के दीवाने आम में सम्पन्न होना था। उस कार्यक्रम में सत्याग्रह करने का निर्देश हुआ था।

इस निमित्त मैं 31 अक्टूबर 1975 को प्रातः काल सुभाष आर्य जी के साथ अशोक विहार में चला गया जहाँ सभी को एकत्रित होना था। वहाँ पर तत्कालीन जनसंघ के नेता श्री मदन लाल खुराना तथा संघ प्रचारक माननीय इन्द्रेश जी से भेंट हुई। उन्होंने हमें जानकारी दी कि हमें राष्ट्रमण्डल देशों के स्वागत कार्यक्रम के अन्त में विरोध स्वरूप नारे लगाने हैं तथा पचें बांटने हैं। (वह पर्चे तथा कार्यक्रम में प्रवेश के लिए निमंत्रण पत्र हमने वहीं से निमंत्रण पत्र लेकर दोपहर के बाद लगभग 20 युवा कार्यकर्त्ता गोविन्द राम वर्मा के नेतृत्व में दो-दो के समूह में अशोक विहार से निकल कर पुलिस की नजरों से बचते हुए दीवाने आम कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गये।)

योजनानुसार हम सब कार्यक्रम में अलग-अलग जाकर बैठ गये। कार्यक्रम सम्पन्न होते ही हमने अपनी कुर्सियों पर खड़े होकर भारत माता की जय, आपातकाल वापस लो, तानाशाही नहीं चलेगी, के नारे लगाते हुए पत्रकों को उड़ाना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में हमें पुलिस वालों ने दबोच लिया और हमारे मुँह को दबा दिया। सभी विदेशी पत्रकार फोटो लेने लगे और हम अपने उद्देश्य में सफल हो गये। दीवाने आम से हम सबको चाँदनी चौक पुलिस कोतवाली लाया गया।

आज भी पैर सुन्न हो जाते हैं

कोतवाली में पहुंचते ही हम सबको उल्टा लिटाकर पैरों के तलवों में लाठी मारी गई। फिर एक एक को अलग करके पूछताछ का दौर शुरू हुआ। फिर सबको अलग अलग ले जाकर वहाँ कपड़े उतरवाते और निर्वस्त्र कर देते और निर्वस्त्र करके पीठ पर टायर से मारते और पूछताछ करते पुलिस वाले एक बात पूछते तुमको किसने भेजा और किसने पत्रक दिये हैं। हम सबका योजनापूर्वक एक ही जवाब था कि हमें मदनलाल खुराना ने भेजा है। मदन लाल खुराना कार्यक्रम से पहले हमें गौरी शंकर मन्दिर (चांदनी चौक) के बाहर मिले थे। उन्होंने पत्रक दिये और हम सबको अन्दर छोड़कर वे चले गये। रातभर पुलिस द्वारा मारने का क्रम चलता रहा। (पुलिस ने जो पैरों पर डण्डे मारे थे उस कारण मैं अभी भी ज्यादा समय तक यदि जूता डाल लू तो पैर सुन्न हो जाते हैं दोपहर में हमें न्यायालय में पेश कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

45 दिन के पश्चात मेरी जमानत हो गई। बाहर आने के बाद सुभाष आर्य जी ने मुझे जानकारी दी कि लाल किला में सत्याग्रह करने वालों के मीसा के अन्तर्गत गिरफ्तारी के वारंट निकाल दिये हैं। मीसा यह कानून था जिसमें न वकील, न दलील जबतक सरकार चाहे जेल के अन्दर रख सकती है। इस वारंट के बारे में संघ के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद यह तय हुआ कि मुझे भूमिगत रहकर कार्य करना है।

मौसा का वारंट निकलते ही पुलिस ने मेरे घर पर दबिश देनी शुरू कर दी देर सवेर पुलिस वाले घर आते और पूरा घर छानते और परिवार वालों को परेशान करते। इस बीच एक रोचक घटना घटी में काफी दिनों के बाद घर पर कपड़े लेने आया तो माता जी कहने लगी कि पुलिस वाले देर रात या सुबह सुबह आते हैं दोपहर के समय वे कभी भी नहीं आये अतः स्नान कर, खाना खाकर फिर जाना। मैंने नहाने के लिए कपड़े उतारे और तौलिया बांधा ही था मेरे पड़ोस के मित्र जय भारत जी (वो भी बाद में मीसा में गिरफ्तार हो चुके थे) मेरे घर आ गये मैं गेट पर खड़ा होकर उनसे बात कर रहा था। इतनी देर में मैंने देखा पुलिस की दो गाड़ियां गली में प्रवेश करती हैं। तो मैं पुलिस के सामने से तौलिये में ही जयभारत के साथ चला गया। जय भारत ने मुझे उसी ब्लाक में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर बिठा दिया। थोड़ी देर बाद जब पुलिस चली गई वो मेरे घर गये और मेरे कपड़े लाये और तब मैं कपड़े पहनकर गया। पुलिस वालों से परेशान होकर मेरे घर वाले घर पर ताला लगाकर भूमिगत हो गये।

मुझे पकड़ने के लिए मेरे भाई को गिरफ्तार किया

पुलिस वालों को कहीं से जानकारी मिली कि मेरा बड़ा भाई सरकारी नौकरी शास्त्री भवन में करता है अतः पुलिस ने शास्त्री भवन में पहुँचकर मेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया और थाने में बिठा दिया और पुलिस ने उनसे और मेरे परिवालों से कहा कि उसको ले आओ और इसको ले जाओ। मुझे जब इसकी जानकारी मिली मैंने अपने वरिष्ठ अधिकारी ईश कुमार जी से तया सुभाष आर्य जी से चर्चा की तथा मैंने पुलिस स्टेशन में जाकर स्वयं गिरफ्तारी दे दी तथा पुलिस ने मुझे जेल भेज दिया। जनवरी 1977 में चुनावों की घोषणा होने पर जेल से रिहा किया गया।

Topics: आपातकाल 25 जूनपाञ्चजन्य विशेषहिटलर-गांधीआपातकाल का सचइमरजेंसी फाइल्सआपातकाल और आरएसएसआपातकाल 25 जून 1975
Sudhir Kumar Pandey
Sudhir Kumar Pandey
Experienced Media Professional | Digital Content Strategist | Editorial Leader | 18+ Years in Print, Digital & Broadcast Journalism. I am a passionate and result-driven editorial professional with over 18 years of experience across some of India’s most respected media houses, including Zee News, Dainik Jagran, Panchjanya, Way2News, and Aaj Samaj. Currently leading digital content at Panchjanya (Bharat Prakashan Limited). Throughout my career, I have successfully managed editorial teams, produced high-impact news series and special editions (Tarpan, Shiv Tatva, Mudda – Delhi-NCR), and contributed to both daily operations and long-term editorial planning. My expertise spans across political reporting, current affairs, cultural features, and public issue-driven journalism. I thrive in deadline-driven environments, enjoy mentoring teams, and am always exploring ways to innovate newsroom workflows with technology. Proficient in CMS platforms, Canva, InDesign, and content planning tools. Let’s connect if you’re interested in meaningful storytelling, content strategy, or media innovation. [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बहुआयामी वीर सावरकर : भाषा शुद्धि का राष्ट्रदर्शन

ज्योति में विलीन ‘आलोक’

दीप प्रज्ज्वलित कर प्रबोधन बैठक के समापन सत्र का शुभारंभ करते श्री मोहनराव भागवत। साथ में हैं आचार्य स्वामी जीतेंद्रनाथ जी और विश्वमांगल्य सभा की अन्य पदाधिकारी

‘परिवार व्यवस्था को मजबूत करना समय की आवश्यकता’

बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में लगा एक चिकित्सा शिविर or राहत सामग्री के साथ कार्यकर्ता

बाढ़ पीड़ितों की सहायता में लगे स्वयंसेवक

‘अमर्यादित शब्दों को उचित कैसे ठहराया जा सकता’

आज का श्लोक : भारतीयं सदाचारं स्वधर्मश्चापि शाश्वतम्

Load More

ताज़ा समाचार

Padma Shri Vaidya Balendu Prakash Passes Away Ayurveda Dehradun Panchjanya

उत्तराखंड: विश्व प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य एवं पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश जी का निधन, आयुर्वेद जगत में शोक की लहर

Varanasi Fake Identity Conversion Arrest

वाराणसी में लव जिहाद: फर्जी दस्तावेजों से मजहब छिपाकर हिंदू नाम से रचाई शादी, दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार!

Uttarakhand Police Raid CSC Center Udham Singh Nagar Panchjanya

उत्तराखंड : गृह मंत्रालय के निर्देश पर CSC सेंटर्स पर पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, फर्जी दस्तावेजों का भंडाफोड़!

उत्तराखंड साइबर अपराध नियंत्रण में देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल, PMO की PRAGATI समीक्षा में बड़ी उपलब्धि

Amritsar Police Arrests Drug Smugglers 21 kg Heroin Seizure Panchjanya

पाकिस्तानी ड्रग्स-हथियार तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: अमृतसर में 21 किलो हेरोइन और ICE संग 5 गिरफ्तार, विदेश से जुड़े तार!

Amritsar Police Commissioner Gurpreet Bhullar Transferred Ravneet Singh Bittu Panchjanya

CJP प्रदर्शन से ISI आतंकी कनेक्शन का खुलासा पड़ा भारी? हटाए गए अमृतसर CP गुरप्रीत भुल्लर, बिट्टू ने दागे तीखे सवाल!

उत्तराखंड में बना देश का ‘अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल’: 1200 अग्निवीरों की नौकरी पक्की, कर्नल कोठियाल ने विपक्ष को घेरा!

प्रधानमंत्री ने देसी कपास से निर्मित हाथकती–हाथबुनी खादी का राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार किया

15 वर्षों की साधना को मिली राष्ट्रीय पहचान: खेत से करघा और फिर करघे से बना तिरंगा, PM मोदी को किया भेंट

Uttarakhand Nainital High court Land encroachment

उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट होगा हाईकोर्ट, धामी सरकार ने दी मंजूरी!

Devprayag Kunddhar Bolero Vehicle Accident SDRF Rescue Operation Uttarakhand Panchjanya

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: देवप्रयाग के कुंडधार में 250 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, चालक की मौके पर ही मौत!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies