देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि चारधाम एवं श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का देवभूमि उत्तराखण्ड में हार्दिक स्वागत है। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तराखण्ड आस्था, संस्कृति और अनुपम प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे देवभूमि के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर कतई ध्यान न दें।
कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं पर सख्त रुख, जांच जारी
हाल के दिनों में कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई अप्रिय घटनाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और प्रशासन का रुख पूरी तरह स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में जो भी तत्व दोषी पाए गए हैं, उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई अमल में लाई गई है तथा सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी बेहद सख्त कदम उठाए जाएंगे। देवभूमि में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पहुँच रहे श्रद्धालु
मुख्यमंत्री ने बैठक में चल रही चारधाम यात्रा और हेमकुंट साहिब यात्रा के ताजा प्रगति आंकड़े भी साझा किए, जो इस प्रकार हैं:
| धार्मिक यात्रा का नाम | श्रद्धालुओं की वर्तमान संख्या / प्रगति स्थिति |
|---|---|
| चारधाम यात्रा (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) | अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। |
| श्री हेमकुंट साहिब यात्रा | शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है। |
“उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख और परम पवित्र स्थल— हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब — स्थित हैं, जहाँ प्रतिवर्ष भारी संख्या में संगत दर्शन के लिए पहुंचती है। सभी पंथों और धर्मों का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की मूल भावना के अनुरूप यहाँ आने वाले हर एक व्यक्ति का स्वागत एवं सत्कार किया जाता है।” – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
सोशल मीडिया पर अफवाह और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को कड़ा अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और असत्य सूचनाएं प्रसारित करने वाले तत्वों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज और समुदायों को आपस में बांटने का कुत्सित प्रयास न करें।
- कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध पुलिस और साइबर सेल द्वारा सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- सकारात्मक मार्गदर्शन: हमारे सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को हमेशा सकारात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
- गरिमा सर्वोपरि: राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि देवभूमि में ऐसा कोई भी कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी की आस्था को नुकसान हो।
- संवाद से समाधान: मुख्यमंत्री ने दोहराया कि आपसी संवाद, आपसी सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही सभी सामाजिक समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान संभव है।
उच्चस्तरीय बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में शासन के शीर्ष नीति-निर्माता, मंदिर समितियों के अध्यक्ष और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनकी सूची निम्नलिखित है:
| अधिकारी / पदाधिकारी का नाम | प्रशासनिक पद / संगठन |
|---|---|
| हेमंत द्विवेदी | अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति |
| नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा | अध्यक्ष, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट |
| आनंद बर्द्धन | मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार |
| आर.के. सुधांशु | अपर मुख्य सचिव (ACS) |
| शैलेश बगौली | सचिव गृह (Home Secretary) |
| दीपम सेठ | पुलिस महानिदेशक (DGP), उत्तराखण्ड |
| विनय शंकर पाण्डेय | सचिव, उत्तराखंड शासन |
| अभिनव कुमार | डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा (DG Intelligence) |
| रिद्धिम अग्रवाल | आईजी (Inspector General of Police) |
| बंशीधर तिवारी एवं श्रीमती तृप्ति भट्ट | अपर सचिव (Additional Secretary), उत्तराखंड शासन |
















