देहरादून। भाजपा ने बद्रीनाथ चोरी प्रकरण को लेकर धामी सरकार की कार्रवाई का स्वागत करते हुए शीघ्र पाप के भागीदारों को कठोर सजा मिलने की उम्मीद जताई है। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया कि कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, जेल जाने से बच नहीं सकता। भाजपा सरकार सनातन आस्था, पावन मंदिरों की प्रतिष्ठा और करोड़ों श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं, कांग्रेस की बयानबाजियों पर भी पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने अध्यक्ष रहते निलंबित आरोपी को स्थायी कर्मचारी बनाया, उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
भाजपा ने बताया घटना को हिंदू समाज की आस्था पर चोट
प्रदेश मुख्यालय में पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देते हुए प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ विधायक श्री विनोद चमोली ने घटना को बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण और हिंदू समाज की आस्था पर एक चोट बताया। वहीं स्पष्ट किया कि हमारी सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है और इसके पीछे जो व्यक्तिगत सहायक प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार दिखाई दे रहा है, उसे निलंबित कर दिया गया है तथा एफआईआर दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कमिश्नर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति मामले की जांच कर रही है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। साथ ही यह भी तय किया गया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसमें कार्रवाई केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। हमारी सरकार और पार्टी इस मामले में बहुत गंभीर हैं और निश्चित तौर पर जिसने भी यह पाप किया है, उसे बड़ी और कड़ी सजा मिलने वाली है।
पहले दिन से पारदर्शिता और जवाबदेही की नीति अपनाई गई: भाजपा
वहीं जोर देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इस पूरे प्रकरण में पहले दिन से ही पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई की नीति अपनाई है। सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है कि आस्था से जुड़े किसी भी संस्थान में अनियमितताओं के किसी भी आरोप को पूरी गंभीरता से लिया जाएगा और उसकी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। दोषी यदि जांच में पाया जाता है, तो वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के अनुसार कार्रवाई से बच नहीं सकता। जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार का संरक्षण या राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बीकेटीसी ने एफआईआर दर्ज कराई, जांच समिति को दिए गए अतिरिक्त दायित्व
कहा कि सरकार ने मामले को केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रखा है। बीकेटीसी की ओर से संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई गई, ताकि पूरे मामले की आपराधिक पहलुओं सहित निष्पक्ष जांच हो सके। सरकार ने जांच समिति को केवल कथित अनियमितताओं की जांच तक सीमित नहीं रखा, बल्कि दान-चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी भी सौंपी है। जो भाजपा सरकार के सुशासन और उत्तरदायी प्रशासन की पहचान है।
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर भाजपा का हमला
वहीं कांग्रेस द्वारा जिम्मेदारी तय करने के सवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे पहले तो कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जिन्होंने आरोपी व्यक्ति को समिति में स्थायी कर्मचारी बनाया। जब जांच होगी तो निश्चित तौर पर उनका कार्यकाल भी उसमें सम्मिलित होगा। ऐसे में सबसे पहले तो गोदियाल को ही जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने ऐसे व्यक्ति को स्थायी किया, जिस पर आज चोरी के आरोप लगे हैं और कार्रवाई चल रही है। यह हमारी सरकार की गंभीरता है कि इन चीजों का पर्दाफाश हुआ और कार्रवाई प्रारंभ की गई। आगे जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उस पर कानूनी कार्रवाई होगी और उन लोगों को जेलों में जाना ही पड़ेगा।
कांग्रेस के शासनकाल पर भाजपा का पलटवार
वहीं आईना दिखाते हुए कहा कि आज कांग्रेस पार्टी किस अधिकार से भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाने का प्रयास कर रही है? दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले कांग्रेस को अपने नेताओं के ‘घोटाला राज’ और काले कारनामों का पूरा हिसाब देवभूमि की जनता को देना चाहिए।
इतिहास गवाह है कि जब-जब कांग्रेस सत्ता में रही, उसने मंदिरों के चढ़ावे और पवित्र संसाधनों को केवल अपनी राजनीतिक मलाई बांटने का माध्यम बनाया है। उनकी सरकार में करीब ₹10 करोड़ की भारी वित्तीय अनियमितताओं, हेराफेरी और घपलों के संगीन आरोप क्यों लगे? कांग्रेस आज यह साफ करे कि उसके शासनकाल में भगवान बद्री विशाल और बाबा केदारनाथ के पावन धाम को भ्रष्टाचार का अड्डा क्यों बना दिया गया?
इतिहास इस बात का साक्षी है कि कांग्रेस ने सनातन धर्म के साथ खिलवाड़ करने, उसकी जड़ों को चोट पहुंचाने और देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की पवित्र आस्था को कुचलने का कार्य किया है। कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति के लिए बहुसंख्यक सनातन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जब-जब यह सत्ता में रही, इन्होंने हमारे पावन तीर्थों, देवस्थानों और मंदिर प्रबंधनों को केवल भ्रष्टाचार का माध्यम बनाया। सनातन विरोधी सोच रखना और श्रद्धालुओं की श्रद्धा का उपहास उड़ाना ही कांग्रेस का असली चरित्र और इतिहास रहा है, जिसे देवभूमि की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
भाजपा ने गिनाईं धामी सरकार की प्राथमिकताएं
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस सरकारों का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारे लिए देवभूमि की आस्था सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल डबल इंजन नेतृत्व में उत्तराखंड के पवित्र धार्मिक स्थलों का भव्य पुनर्विकास सुनिश्चित हो रहा है। निरंतर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, देवभूमि के मंदिरों की गरिमा तथा पारदर्शी प्रबंधन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया गया है। इसके विपरीत, कांग्रेस का शासनकाल हमेशा उपेक्षा, भ्रष्टाचार के आरोपों और घोर अव्यवस्था का पर्याय रहा है।
सनातन आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: भाजपा
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा का संकल्प पूरी तरह स्पष्ट है। देवभूमि की सनातन आस्था, पावन मंदिरों की प्रतिष्ठा और करोड़ों श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

















