दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में पुलिस ने सोमवार को दो बड़े अभियान चलाए। एक तरफ प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई, दूसरी तरफ नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।
छापेमारी कहां-कहां हुई
पुलिस ने यारीपोरा, बेहिबाग और फ्रिसल थाना इलाकों में काम किया। इन तीनों इलाकों में जमात-ए-इस्लामी से जुड़े करीब दो दर्जन लोगों के घरों और ठिकानों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित साहित्य भी मिला। पुलिस इन सामानों की जांच कर रही है।
नार्को-टेरर पर भी नजर
साथ ही पुलिस ने पूरे जिले में नार्को-कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसका मकसद अवैध नशीले पदार्थों के कारोबारियों का पूरा नेटवर्क चिन्हित करना और उसे तोड़ना है। पुलिस का कहना है कि कुछ संदिग्ध लोगों को नार्को-टेरर से जोड़कर देखा जा रहा है और उनकी जांच चल रही है।
इसे भी पढ़ें: राज्यसभा क्रॉस-वोटिंग मामला: विधानसभा अध्यक्ष ने बीजद-कांग्रेस की 11 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कीं
पुलिस का मकसद
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, ये दोनों कार्रवाइयां सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए की गई हैं। जो गतिविधियां आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं या खतरा पैदा कर रही हैं, उन्हें रोकने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। जमात-ए-इस्लामी पहले से प्रतिबंधित संगठन है। पुलिस इसके सदस्यों और समर्थकों पर नजर रख रही है। साथ ही ड्रग्स के कारोबार को आतंकवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसे नार्को-टेरर कहा जाता है।
स्थानीय स्तर पर असर
कुलगाम के इन इलाकों में रहने वाले लोग अब इस कार्रवाई को लेकर बात कर रहे हैं। कुछ परिवारों में जहां छापेमारी हुई, वहां चहल-पहल कम नजर आ रही है। पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं दी है, लेकिन जांच जारी है। ये अभियान जिले के तीन थाना क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहे। पूरे जिले में सर्च ऑपरेशन चल रहा है, खासकर उन जगहों पर जहां नशीले पदार्थों की आवाजाही की आशंका है। पुलिस की नजर अलगाववाद से जुड़ी गतिविधियों और ड्रग्स का नेटवर्क पर है।











