नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर 22 जून को इस्तीफा दे चुके हैं। वह करीब दो साल प्रधानमंत्री रहे। उनके इस्तीफे के बाद अब वामपंथी लेबर पार्टी में एक बार फिर से नेतृत्व की दौड़ शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि कई बड़े नेता प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी पेश कर सकते हैं। कई नामों की चर्चा भी पीएम पद के लिए की जा रही है। जिनमें एंडी बर्नहैम से लेकर मौजूदा सरकार में गृह मंत्री- शबाना महमूद व हाल ही में कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले अल-कार्न्स इत्यादि नेताओं के नाम शामिल हैं। आइए ऐसे पांच नेताओं के बारे में और उनका भारत के प्रति रुख जानते हैं जो ब्रिटेन के पीएम पद की रेस में शामिल हो सकते हैं।
ब्रिटेन में पीएम पद की रेस में शामिल हो सकते हैं ये 5 बड़े नाम
1.एंडी बर्नहैम
2.शबाना महमूद
3.अल कार्न्स
4.वेस स्ट्रीटिंग
5.एंजेला रेनर
#एंडी बर्नहैम- भारत के प्रति सकारात्मक रुख
एंडी बर्नहैम को ब्रिटेन के अगले पीएम पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बर्नहैम ने 2001 से 2017 तक सांसद रहे। उन्होंने गॉर्डन ब्राउन की सरकार में वित्त मंत्री, संस्कृति मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2017 में वे ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर चुने गए। 2021 और 2024 में इस पद पर वह फिर से भारी बहुमत से जीते। जून 2026 में हुए मेकर्सफील्ड उपचुनाव में शानदार जीत हासिल कर उन्होंने संसद में वापसी की।

भारत के प्रति उनका रुख सकारात्मक और सहयोग वाला रहा है। वह भारत के साथ व्यापारिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाने के मजबूत पक्षधर रहे हैं।
#शबाना महमूद- ग्रूमिंग गैंग्स के बचाव के आरोप, भारत के प्रति रुख नकारात्मक
शबाना महमूद ब्रिटेन में मौजूदा गृहमंत्री हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है। वह पाकिस्तानी मूल की हैं। 2010 में सांसद चुनी गईं। भारत के प्रति उनका रुख नकारात्मक रहा है। कश्मीर मुद्दे पर उनके बयानों की भारत में आलोचना हुई। 2019 में जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय कर दिया था तब शबाना महमूद ने मोदी सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने इसे कश्मीर के लोगों के साथ विश्वासघात बताया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उनके बयान भारत के प्रति नकारात्मक रहे थे। उन पर ब्रिटेन में पाकिस्तान के ग्रूमिंग गैंग्स का बचाव करने के आरोप भी लग चुके हैं।

#अल कार्न्स- भारत के प्रति रुख सकारात्मक, सुरक्षा संबंधों में मजबूती पर जोर
अल कार्न्स पूर्व सैन्य अधिकारी भी रहे हैं। वह ब्रिटेन के पूर्व रक्षा मंत्री रहे हैं। स्टार्मर सरकार में कार्न्स मंत्री बने। 11 जून 2026 को उन्होंने सरकार की रक्षा निवेश योजनाओं को अपर्याप्त बताते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनका भारत के प्रति रुख सकारात्मक रहा है। उनकी रक्षा नीतियां ब्रिटेन के हिंद-प्रशांत क्षेत्र की ओर झुकाव के अनुकूल थीं। इसके तहत भारत जैसे प्रमुख लोकतांत्रिक सहयोगियों के साथ सैन्य उपकरणों की खरीद, तकनीकी बदलाव और गहरे सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।

# वेस स्ट्रीटिंग- भारत के प्रति सकारात्मक रुख
कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर सरकार में जुलाई 2024 में वेस स्ट्रीट्रिंग स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल सचिव बनाए गए थे। स्टार्मर के नेतृत्व पर अविश्वास जताते हुए उन्होंने 14 मई 2026 को अपने कैबिनेट पद से इस्तीफा दे दिया था। वह भारत के साथ संबंधों को अहमियत देते हैं। उन्होंने 21वीं सदी के लिए ब्रिटेन-भारत संबंधों को एक परिभाषित करने वाला रिश्ता और दोस्ती करार दिया है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर उन्होंने भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मॉडल की जमकर तारीफ की थी।

#एंजेला रेनर- भारत के प्रति सकारात्मक रुख
एंजेला रेनर ने लेबर पार्टी और भारत के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम किया है। कीर स्टार्मर ने लेबर पार्टी का नेतृत्व संभाला तो भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने की जिम्मेदारी एंजेला रेनर को दी गई थी। साल 2023 में उन्होंने भारत का दौरा भी किया था।

















