पथ्ये सति गदार्त्तस्य, किमौषधनिषेवणैः।
पथ्येऽसति गदार्त्तस्य, किमौषधनिषेवणैः।।
हिन्दी अर्थ –
यदि व्यक्ति (खान पान आदि में) पथ्य का पालन करे तो औषध की क्या आवश्यकता है? यदि पथ्य का पालन नहीं करता है तो औषध सेवन से क्या लाभ है? अर्थात् ‘संयम’ ही सबका मूल है।

















