नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर सहमत हो गए हैं लेकिन इजरायल ने अलग रुख अपनाया है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 80वीं जन्मदिन पर दोनों देशों के बीच शांति समझौते की घोषणा की, वहीं दूसरी ओर इजरायल ने साफ कर दिया कि वो लेबनान में हिज्जबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। इजरायल इस शांति समझौते से असहमत है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि वो ऐसे किसी भी शांति समझौते को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
19 जून यानी शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं। जैसे ही शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा ली है। अभी इस शांति समझौते का पूरा मसौदा जारी नहीं हुआ है।
इजरायल ने कहा- हिज्बुल्लाह को समाप्त करने के संकल्प से समझौता नहीं
इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने अमेरिका-ईरान समझाैते पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि यह समझाैता इजराइल के लिए बाध्यकारी नहीं है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने कहा कि वो लेबनान में हिज्बुल्लाह के खतरे काे समाप्त करने के अपने संकल्प से काेई समझाैता स्वीकार नहीं करेंगे। यानी यह साफ है कि इजरायल हिज्बुल्लाह के खिलाफ पहले की ही तरह अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि लेबनान में हिज्बुल्लाह की गतिविधियाें से पैदा खतरों को खत्म करने के संकल्प काे लेकर इजराइल काे कोई भी समझौता मंज़ूर नहीं है।
इजरायल ने साफ कहा- हम शांति समझौता का हिस्सा नहीं…
एक तरफ अमेरिका और ईरान के शांति समझौत में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को फौरन रोकने की बात कही गई है। दूसरी तरफ इजरायल का कहना है कि वह इस शांति समझौते का हिस्सा नहीं है। शांति समझौते के दस्तावेजों पर 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में हस्ताक्षर होने की बात कही जा रही है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने साफ कर दिया है कि इजरायल इस शांति समझौता का हिस्सा नहीं है।
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इजरायल बोला- हिज्बुल्लाह के खात्मे से कम कुछ भी मंजूर नहीं
इजरायल ने हिज्बुल्लाह को समाप्त करने की अपनी पुरानी प्रतिज्ञा दोहराई है। इजरायल का कहना है कि उसे हिज्बुल्लाह के खात्मे से कम कुछ भी मंज़ूर नहीं है। इसके साथ ही उसने साफ कर दिया है कि वो उन इलाकों से पीछे नहीं हटेगा जहां उसकी सेनाओं ने कब्जा किया है। जिन इलाकों को हिज्बुल्लाह से मुक्त कराया है उनसे इजरायल पीछे हटने को तैयार नहीं है। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन का कहना है कि इजराइल कोई कमजोर या अस्थिर देश नहीं है। हर बार जब भी हमने इजराइल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे घुटने टेके तो हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी। इजरायल ने साफ कर दिया है कि दक्षिणी लेबनान से उसकी सेना पीछे नहीं हटेगी।

















