नई दिल्ली: ईरान और इजराइल युद्ध भीषण हो चला है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर घातक हमलें शुरू कर दिए हैं। ‘अल जज़ीरा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इजराइली इलाकों में कई बार मिसाइलें दागी हैं। ये हमले इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हुए हैं। इससे पहले इजराइल ने तेहरान, इस्फहान और तबरीज में हमले किए थे जहां धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं।
इजराइली सेना ने कहा- ईरान ने कई मिसाइलें दागीं
इससे पहले इजराइली वायु सेना ने हाल ही में ईरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित महशहर के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में कई ठिकानों पर हमला किया था। इजराइल की सेना का कहना है कि ईरान ने उसके इलाके पर कई बार मिसाइलें दागीं। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी का कहना है कि ईरान पर इजराइल का ताजा हमला ट्रंप के लिए अपमान को और बढ़ाता है। क्योंकि ये हमले तब हुए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू से जवाबी कार्रवाई न करने को कहा था।
ट्रंप के फोन के बाद भी नहीं माने नेतन्याहू, ईरान पर दागीं मिसाइलें; कई सैन्य अड्डों को कर दिया तबाह
अप्रैल के बाद पहली बार ईरान-इजराइल में भीषण युद्ध फिर…
बता दें कि अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए युद्धविराम के बाद यह पहली बार है जब ईरान की ओर से ऐसा हमला किया गया है। इस घटनाक्रम से युद्ध समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि ट्रंप ईरान के साथ शांति वार्ता के दौर पर हैं और दूसरी तरफ इजराइल ने ईरान के खिलाफ घातक युद्ध छेड़ दिया है।
हूती विद्रोहियों ने किया इजराइल पर हमले का समर्थन
वहीं, यमन के हूती विद्रोही समूह ने इजराइल पर ईरान के मिसाइल हमले का खुलकर समर्थन किया है। हूती समूह ने कहा कि रेजिस्टेंस एक्सिस पूरी तरह एकजुट है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार समन्वय बना हुआ है। समूह ने चेतावनी दी कि अगर इस्राइल ने तनाव बढ़ाया तो उसे और बड़े जवाबी हमलों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, ईरान का कहना है कि उसने सऊदी एयर बेस पर कोई मिसाइल नहीं दागी। ईरान ने सऊदी अरब के अल-खार्ज एयर बेस पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है। इससे पहले अल-खार्ज इलाके में धमाके जैसी खबरें सामने आईं थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। कई इलाकों में सायरन बजाए गए। गुश दान, यरूशलम और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

















