फिरोजाबाद में स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पथराव की घटना गुरुवार शाम फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के बाहरी क्षेत्र स्थित पेमेश्वर गेट के पास हुई थी। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार की तहरीर पर रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
तहरीर में कहा गया है कि गाड़ी संख्या 12003 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के ई-1 कोच में बर्थ संख्या 53 और 54 के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन गुजरने के दौरान पत्थर फेंका था। इससे कोच की खिड़की का बाहरी शीशा टूट गया। घटना के समय सर संघचालक मोहन भागवत जी इसी कोच में यात्रा कर रहे थे। इस घटना में उन्हें और किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई।
क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी गुरुवार को कानपुर से नई दिल्ली जा रहे थे। शताब्दी एक्सप्रेस से नई दिल्ली लौटते समय ट्रेन जब मक्खनपुर-फिरोजाबाद के बीच से गुजर रही थी, तभी अचानक बोगी को निशाना बनाकर पत्थर से हमला किया गया। पत्थर ठीक एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच में आकर लगा जिसमें सर संघचालक जी बैठे हुए थे। पत्थर लगने के बाद खिड़की का शीशा टूट गया। सरसंघचालक जी को कोई चोट नहीं आई।
सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया। घटना मिलते ही टूंडला जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकारी भारी फोर्स के साथ स्टेशन पर पहुंचे। शताब्दी एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को 7 बजकर 35 मिनट पर बजे टूंडला जंक्शन पर पहुंची थी। टूंडला जंक्शन पर सुरक्षा जांच करने के बाद ट्रेन को शाम 7 बजकर 40 मिनट पर शताब्दी एक्सप्रेस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। ट्रेन जाने के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेल ट्रैक के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया।
बता दें कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी कानपुर एक वैवाहिक आयोजन में शामिल होने के लिए आए थे। कानपुर के आजाद नगर क्षेत्र में एक विशेष आशीर्वाद समारोह रखा गया था। सरसंघचालक इस आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के पश्चात शताब्दी एक्सप्रेस से नई दिल्ली लौट रहे थे। पथराव में उनको चोट नहीं आई।
















