'दिखावा बंद करो! हमें पता है क्या खेल है': रूसी तेल खरीद पर जयशंकर ने अमेरिकी दोगलेपन की खोली पोल
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‘दिखावा बंद करो! हमें पता है क्या खेल है’: रूसी तेल खरीद पर जयशंकर ने अमेरिकी दोगलेपन की खोली पोल

अमेरिका के दोहरे मापदंड पर विदेशमंत्री एस जयशंकर का तीखा जवाब। रूसी तेल खरीद पर बोले- हम कीमत और उपलब्धता देखते हैं, राजनीति नहीं। जब सूट करता है तब ठीक, जब नहीं सूट करता तब खराब।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jun 12, 2026, 10:50 am IST
inभारत
Dr S Jaishankar

डॉ एस जयशंकर, विदेश मंत्री

अमेरिका के दोगलेपन पर भारत के विदेशमंत्री डॉ एस जयशंकर ने करारा जबाव दिया है। उन्होंने रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर कहा कि हम सब समझदार लोग हैं, हम जानते हैं कि खेल क्या है। उन्होंने फिनलैंड में एक पैनल चर्चा के दौरान रूस से तेल खरीद को लेकर कहा कि भारत तेल खरीदते समय सिर्फ कीमत और उपलब्धता देखता है, किसी राजनीतिक या नैतिक दबाव में नहीं आता। जयशंकर ने ये भी याद दिलाया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जब बाजार अस्थिर हो गया था, तब अमेरिका ने खुद भारत से रूसी तेल खरीदने को कहा था ताकि कीमतें संतुलित रहें।

रूसी तेल खरीद का पूरा मामला

जयशंकर ने बताया कि 2022 से पहले भारत रूस से ज्यादा तेल नहीं खरीदता था। लेकिन जब युद्ध शुरू हुआ तो स्थिति बदल गई। यूरोपीय देशों ने मिडिल ईस्ट से बड़े पैमाने पर तेल खरीदना शुरू कर दिया, जो भारत का पारंपरिक सप्लायर था। ऐसे में बाजार में सबसे ज्यादा उपलब्ध तेल रूसी तेल ही बचा। भारत को अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प तलाशने पड़े।

उन्होंने साफ कहा कि भारत ने ये फैसला किसी राजनीतिक पक्ष लेने या सहानुभूति के कारण नहीं लिया, बल्कि व्यावहारिक जरूरतों के आधार पर। तेल की कीमत कम हो और सप्लाई मिल रही हो, तो भारत खरीदता है।

अमेरिका का दोहरा रवैया

जयशंकर ने अमेरिका की बात खोलते हुए कहा कि उसी समय अमेरिका ने भारत से खास तौर पर अनुरोध किया था कि रूसी तेल खरीदो, ताकि वैश्विक तेल बाजार स्थिर रहे। लेकिन बाद में जब भारत ने अपनी जरूरत के मुताबिक खरीद बढ़ाई तो पहले टैरिफ लगा दिए गए और फिर प्रतिबंधों में कुछ ढील दी गई। उन्होंने कहा, “यह दिखावा न करें कि इसमें कोई बहुत बड़ा सिद्धांत शामिल है। यह पूरा मामला ‘ऑन-ऑफ’ जैसा है। जब सूट करता है तब ठीक, जब नहीं सूट करता तब खराब। हम सब समझदार लोग हैं, हम जानते हैं कि खेल क्या है।”

इसे भी पढ़ें: भारत ने रचा इतिहास! पहले स्वदेशी C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की सफल टेस्ट फ्लाइट

नैतिकता पर सवाल का जवाब

पैनल चर्चा में जयशंकर से पूछा गया था कि यूरोप में कुछ लोग ये मानते हैं कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों के बीच नैतिक समानता बनाने की कोशिश कर रहा है। यानी युद्ध को बुरा बताते हो लेकिन रूस से तेल खरीद भी रहे हो। जयशंकर ने दो हिस्सों में जवाब दिया। पहले तेल वाले हिस्से में उन्होंने कीमत और उपलब्धता की बात दोहराई। दूसरे हिस्से में नैतिकता पर उन्होंने कहा कि किसी यूरोपीय देश पर कभी भारतीय हथियारों से हमला नहीं हुआ। लेकिन यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल भारत पर हमलों में होता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी यूरोप की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला।

फिनलैंड की विदेश मंत्री एलीना वाल्टोनेन और यूएई की असिस्टेंट विदेश मंत्री लाना नुसेबेह के साथ इस चर्चा में जयशंकर ने भारत का रुख बहुत साफ शब्दों में रखा। उनका पूरा जोर इस बात पर था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेता है और दूसरे देशों के दोहरे मापदंडों को अच्छी तरह समझता है।

Topics: रूस-यूक्रेन युद्धएस जयशंकरजयशंकर अमेरिका दोगलेपनजयशंकर रूसी तेल
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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