भारत ने एयरक्राफ्ट के निर्माण में बड़ी सफलता हासिल कर ली है। इसी के साथ भारत में पूरी तरह से बने पहले C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का पहला टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह एयरक्राफ्ट गुजरात के वडोदरा में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की फैक्ट्री में बनाया गया है। एयरबस डिफेंस एंड स्पेस की मदद से यह काम हुआ। C-295 एक आधुनिक मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन है जो भारी सामान ले जाने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल सैनिकों और उपकरणों को ले जाने, आपदा राहत कार्यों और समुद्री निगरानी मिशनों के लिए किया जा सकता है।
सौदा और मेक इन इंडिया
सितंबर 2021 में भारत ने स्पेन के साथ 21,935 करोड़ रुपये का सौदा किया था। इसके तहत कुल 56 C-295 एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे। इनमें से 16 प्लेन स्पेन से तैयार हालत में आएंगे। बाकी 40 प्लेन भारत में ही वडोदरा फैक्ट्री में बनाए जाएंगे। ये भारतीय प्लेन 2031 तक डिलीवर हो जाएंगे। वडोदरा प्लांट का उद्घाटन 28 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने किया था।
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पुराने एवरो एयरक्राफ्ट की जगह लेगा
यह C-295 भारतीय वायुसेना के पुराने एवरो ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की जगह लेगा। ये एवरो प्लेन 1960 के दशक से सेवा में हैं। नया प्लेन वायुसेना की क्षमता बढ़ाएगा, खासकर चीन बॉर्डर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह जैसे इलाकों में। मेडिकल इवैक्यूएशन के लिए यह एयरक्राफ्ट 24 स्ट्रेचर और 7 मेडिकल स्टाफ को ले जा सकता है।
मुख्य खूबियां
अधिकतम स्पीड: 482 किलोमीटर प्रति घंटा।
कम स्पीड: लगभग 110 नॉट्स तक उड़ सकता है जब जरूरत हो।
पीछे बड़ा रैंप है, जिससे सैनिक और सामान जल्दी लोड और अनलोड हो सकते हैं।
छोटी दूरी में टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है, इसलिए अस्थायी और अनप्रीपेयर्ड एयरस्ट्रिप्स पर भी काम कर सकता है।
















