आयरलैंड में बेलफास्ट में एक सूडानी युवक द्वारा एक व्यक्ति का सरेआम गले रेते जाने की घटना को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने शरणार्थियों के परिसरों पर हमला किया और गुस्सा निकाला। मगर आम लोगों के इस गुस्से को समझने के स्थान पर गुस्से पर पानी डालने का प्रयास किया गया है। और हालांकि यूके में नेताओं और अधिकारियों ने इस जघन्य कृत्य की निंदा तो की है, परंतु इसके साथ ही उस हिंसा की अधिक निंदा की है, जो उसके बाद हुई।
यह सच है कि किसी भी समाज में हिंसा का स्थान नहीं होना चाहिए और होता भी नहीं है। परंतु यूरोप इन दिनों शरणार्थियों द्वारा आपराधिक घटनाओं की चपेट में है और रोज ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो आम जनों को परेशान कर रही हैं। उनके दिलों मे तमाम प्रश्न उठा रही हैं। उन्हें सरकार से प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित कर रही हैं कि आखिर सरकार ऐसे हिंसक तत्वों को देश में रहने क्यों दे रही है? एक भी दिन ऐसा नहीं जाता, जब महिलाओं पर इन शरणार्थियों के हमले का समाचार न आता हो। बच्चियों के साथ भी लगातार हिंसक घटनाएं हो रही हैं, और अब जिस प्रकार से एक व्यक्ति का गला सरेराह रेतने का प्रयास किया गया, उसने लोगों में गुस्सा भर दिया है।
बेलफास्ट में जिस युवक ने स्टीफन की हत्या की थी, वह देश में वर्ष 2023 में आया था और चार सालों तक उसके पास रहने का अधिकार था।
इस जघन्य घटना के बाद जिस प्रकार से सरकार की प्रतिक्रिया हुई है, उसने देश भर को हैरानी से भर दिया है। लोग हैरान है कि यह भी हो सकता है।
दरअसल अधिकारियों को इस बात पर गुस्सा आ रहा है कि यह खबर इतना वायरल कैसे हो गई? उन्हें शरणार्थियों द्वारा की जा रही हिंसा परेशान नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें इसके बाद हुई हिंसा की चिंता सता रही हैं, जिसमें शरणार्थियों के परिसरों को निशाना बनाया जा रहा है।
अपने देश मे ही उन लोगों को नस्लवादी ठहराया जा रहा है, जो यह मांग कर रहे हैं कि उनके देश में अपराधी प्रवृत्ति के लोग न आएं। अधिकारी शरणार्थी समस्या पर कुछ नहीं कह रहे हैं, बल्कि वे इस बात पर गुस्सा हो रहे हैं कि आखिर सोशल मीडिया पर यह खबर इतनी वायरल क्यों हो गईं?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्टमर और सांसद बैडनोश दोनों ने ही बेलफास्ट में हुए दंगों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें परेशान करने वाला बताया।
🇬🇧 PM Starmer & MP Badenoch both calling the Belfast riots ‘deeply, deeply disturbing’.
A Sudanese asylum seeker allegedly slashing a local man’s face, neck and back, nearly beheading him and costing him an eye.
Politicians are not understanding the British people.
Enough is… https://t.co/1SHyw4Vrto
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 10, 2026
जबकि इस हमले में घायल स्टीफन अपनी आँख खो चुका है। लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता ईडी डवे ने एक्स प्रोफ़ाइल पर लिखा कि उन्हें बेलफास्ट में हुए दंगों और नस्लीय हिंसा को लेकर बहुत डर लगा है। अक्सर ऐसा होता है कि चरमपंथी लोगों के गुस्से और दुख का प्रयोग हिंसा और घृणा फैलाने में सोशल मीडिया के खतरनाक एल्गोरिदम की मदद से करते हैं।
हालांकि लोग इस विषय में प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि नेता यह नहीं समझ पा रहे हैं कि समस्या क्या है? और वे समस्या से आँखें चुरा रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर ही लिख रहे हैं कि सरकार आम लोगों पर हमला होने दे रही है और स्थानीय नागरिकों को ही दोषी ठहरा रही है।
स्टीफन के घरवालों का बयान: लोगों ने कहा “सरकार ने जबरन दिलवाया!”
जहां एक तरफ सोशल मीडिया को ही इस हिंसा का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ित के परिवार से यह कहलवाया जा रहा है कि सभी “शरणार्थी” एक जैसे नहीं होते हैं। और कई शरणार्थियों ने देश के लिए बहुत ज्यादा काम किया है, और देश अपने निर्माण के लिए उनपर निर्भर है। इसलिए इस घटना को लोगों को विभाजित करने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
इस पर लोगों का कहना है कि इसकी भाषा से ही लग रहा है कि जैसे सरकार ने जबरन इसे स्टीफन के परिजनों से कहलवाया है।
एक्स पर ठीकरा फोड़ा
आयरलैंड में हुई इस हिंसा के लिए लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर निशाना साधा। ईडी डवे ने कहा कि यह फ्री स्पीच नहीं है, अगर यह किसी बिलेनियर के सोशल मीडिया एल्गोरिदम से संचालित हो, इसलिए एक्स पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
वहीं लोगों का कहना है कि एक्स के माध्यम से ही इस घटना का पता भी चल पाया, नहीं तो इस घटना के विषय में पता ही नहीं चलता।
इटली में भी एक अल्बेनियन व्यक्ति पर हमला
जहां बेलफास्ट में हंगामा है, तो वहीं सोशल मीडिया पर इटली में भी ऐसी ही घटना की चर्चा है। Dr. Maalouf नामक यूजर ने पोस्ट किया कि इटली में एक उत्तरी अफ्रीकी गैंग ने एक अल्बेनियन व्यक्ति पर इसलिए हमला कर दिया क्योंकि उसने एक वृद्ध व्यक्ति को उनसे बचाया था।
Outrage in Italy as an Albanian man was almost beheaded by a North African gang for defending an elderly man during a robbery.
The North Africans entered a restaurant in Fermo and began harassing an elderly Italian man, demanding money.
The Albanian noticed what was happening… pic.twitter.com/n0YriWUHT2
— Dr. Maalouf (@realMaalouf) June 10, 2026
फ़र्मों में एक रेस्टोरेंट में यह गैंग एक रेस्टोरेंट में घुसा और एक वृद्ध व्यक्ति को पैसे मांगकर परेशान करने लगा। अल्बेनियन व्यक्ति ने जब यह गलत होते देखा तो उसने उस वृद्ध व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया। इस पर उत्तरी अफ्रीकी गैंग को गुस्सा आया और वे लोग उसे घसीटकर बाहर लाए और उसे मारना शुरू कर दिया। और मारने के बाद उसके सिर पर पत्थर मारा और बाद में उसका सिर भी काटने का प्रयास किया। लोगों को डराने के लिए “अल्लाह ओ अकबर” के नारे भी लगाए। पीड़ित व्यक्ति अभी कोमा में है।











