अब किसी माफिया या गुंडे में इतना दुस्साहस नहीं है कि वह त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में उपद्रव कर सके। रामलीला, यज्ञ-कथा, जन्माष्टमी, रामनवमी, शिवरात्रि, रक्षाबंधन या किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में व्यवधान डालने वालों की रावण और कंस जैसी दुर्गति तय है। बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का इंतजार यमराज करेंगे। आज कोई माफिया खुली जीप में पिस्टल लहराकर किसी हिंदू को धमका नहीं सकता।
2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति अलग थी। 2005 में भरत-मिलाप कार्यक्रम पर दंगा कर मऊ को जलाने का प्रयास हुआ था। सत्ता के संरक्षण में माफिया रामलीला आयोजनों में व्यवधान डालते थे, निर्दोष हिंदुओं का कत्लेआम होता था, सपा की आवाज नहीं निकलती थी और सरकार माफिया के सामने नतमस्तक थी। शोहदे बेटियों का अपहरण करते थे और व्यापारी सूर्यास्त से पहले प्रतिष्ठान बंद करने को मजबूर थे।
दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई स्वीकार्य नहीं है। कुछ मौलवी-मौलाना गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बात करते हैं। हम उन्हें बता दें कि गाय माता-पुत्र के संबंध को किसी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। गोमाता और मां गंगा के प्रति सम्मान हमारे संस्कारों का हिस्सा है। यूपी में गोहत्या का क्या अर्थ है, यह सब जानते हैं।

पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों पर मौलाना-मौलवी कभी नहीं बोले। बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी 22 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत और पाकिस्तान में 14 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत रह गई। बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों की संपत्तियों पर कब्जा हो गया, तीन-तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सीएए लाकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों को नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त किया। कांग्रेस और सपा ने इसका विरोध किया, जबकि दुनिया में कहीं भी इन समाजों पर अत्याचार होगा तो वे भारत ही आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों से बिना मत-मजहब देखे योजनाओं का लाभ सभी को मिला है। अहिंसा और करुणा मानवता के भूषण हैं, किंतु सामने खर-दूषण हों तो शस्त्र भी उठाना होगा। नागरिकों, गरीबों और बहन-बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों तथा देशद्रोहियों के खिलाफ कठोरता से लड़ना होगा।
पहले भर्ती में भाई-भतीजावाद, चेहरा और पैसा देखा जाता था, लेकिन आज नौजवान आरक्षी, सब इंस्पेक्टर और डिप्टी एसपी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश आज ब्रह्मोस मिसाइल बना रहा है। हमने शोहदों को ठीक किया है, जो बोली से नहीं माना वह गोली से जरूर मान गया।
अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर सदियों के संघर्ष, आस्था और संकल्प की विजय है। 498 वर्ष पूर्व मंदिर ध्वस्त होने के बाद अनेक पीढ़ियां संघर्ष करती रहीं। कांग्रेस चाहती तो मंदिर बना सकती थी, लेकिन नहीं बनने दिया। समाजवादी पार्टी लगातार बाधाएं खड़ी करती रही, फिर भी हमारा संकल्प अटूट रहा।
आज भव्य राम मंदिर बन चुका है और अयोध्या अपने वैभव से त्रेता युग की अनुभूति कराती है। जनता के वोट की ताकत से राम मंदिर बना, धारा 370 समाप्त हुई और उत्तर प्रदेश ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का केंद्र बना। जब भारत का जवान दुश्मन की छाती पर ब्रह्मोस दागता है तो पाकिस्तान बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगता है। डबल इंजन सरकार विकास, सुरक्षा, रोजगार और गरीब कल्याण के लिए धन की कमी नहीं आने देगी और हर क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करेगी।

















