
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन
देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक TCS इन दिनों नासिक यूनिट से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामलों को लेकर चर्चा में है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने साफ कहा है कि अगर जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कंपनी अपने आंतरिक सिस्टम और प्रक्रियाओं की भी समीक्षा कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
9 जून को आयोजित TCS की 31वीं वार्षिक आम बैठक में बोलते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि मामला फिलहाल अदालत में है, इसलिए वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने यह जरूर बताया कि कंपनी को अब तक किसी भी आधिकारिक चैनल, ईमेल या शिकायत प्रणाली के माध्यम से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नासिक यूनिट में काम करने वाला हर कर्मचारी जांचकर्ताओं के सामने अपनी बात रख सके। अगर जांच के दौरान किसी तरह की प्रक्रियागत कमी या खामी सामने आती है तो कंपनी अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाएगी। यह मामला पहली बार मार्च 2026 में सामने आया था। एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि उसके एक सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामला धीरे-धीरे बड़ा होता चला गया। जांच के दौरान नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को कई अन्य शिकायतें भी मिलीं। इसके बाद पुलिस ने 2022 से 2026 के बीच कथित मानसिक और यौन उत्पीड़न से जुड़े आठ और मामले दर्ज किए। कुछ शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया था। इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया।
SIT ने इस मामले में मई में FIR और चार्जशीट दाखिल की थी। कंपनी अब पुलिस जांच और कानूनी कार्यवाही के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रही है। TCS का कहना है कि वह इस मामले में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, TCS ने एक आंतरिक जांच भी शुरू की है। कंपनी ने जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए दो स्वतंत्र सलाहकार फर्मों डेलॉइट और ट्राइलीगल को नियुक्त किया है। ये फर्में जांच में मदद कर रही हैं और यह देख रही हैं कि क्या कंपनी की शिकायत निवारण प्रणाली में कोई कमी थी। पूरी जांच की देखरेख TCS की प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यन कर रही हैं। इसके अलावा, कंपनी ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर केकी मिस्त्री की अध्यक्षता में एक विशेष निगरानी समिति बनाई है; यह समिति जांच के नतीजों की समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। TCS का मानना है कि उसके कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण है। कंपनी की यौन उत्पीड़न या कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार के किसी भी रूप के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस नीति है। इसलिए, कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।