पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हाल में एक रक्षा समझौता हुआ है। इसका नाम मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट है। तीनों देशों के नेताओं ने मक्का में इस पर हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सऊदी अरब की तरफ से क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्किए की तरफ से राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन मौजूद रहे। इन तीनों देशों ने एक खुदा, एक पैगंबर, एक पवित्र कुरान, एक किबला वाला एक एंथम भी जारी किया गया है।
समझौते में क्या है
इस समझौते के मुताबिक, अगर इनमें से किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। तीनों देश एक-दूसरे की सुरक्षा में साथ खड़े रहेंगे। इसे सामूहिक सुरक्षा बढ़ाने वाला समझौता बताया गया है।
एंथम जारी किया गया
समझौते के बाद पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर ने पाकिस्तान स्टूडियो एचडी के साथ मिलकर एक म्यूजिक वीडियो जारी किया। इसका नाम ‘वन शील्ड – पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्किए’ रखा गया। उपशीर्षक ‘द ग्रेट अलायंस ऑफ इस्लाम’ है। कुछ जगहों पर इसे ‘हम सब एक हैं’ भी कहा गया। वीडियो करीब सात मिनट का है।
गाने और वीडियो में क्या है
गाने में ऑर्केस्ट्रा संगीत के साथ अरबी ताल और उर्दू-अरबी बोल मिलाए गए हैं। मुख्य बोल हैं – एक खुदा, एक पैगंबर, एक पवित्र कुरान, एक किबला, तीन झंडे, एक दिल। वीडियो में पाकिस्तान के जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट, तुर्किए के ड्रोन, सऊदी अरब के लड़ाकू विमान और युद्धपोत दिखाए गए हैं। तीनों देशों के नेताओं की तस्वीरें भी शामिल हैं।
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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आया। कई लोगों ने इसे गंभीर रक्षा समझौते के प्रचार के लिए अजीब तरीका बताया। एक्स, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर मीम्स और मजाक भरे कमेंट आए। कुछ यूजर्स ने कहा कि इसे फिल्मी ट्रेलर की तरह बनाया गया है। एक यूजर ने आईएसपीआर पर तंज कसते हुए लिखा कि यह सेना का मीडिया विंग है या ड्रामा कंपनी।
आर्थिक स्थिति पर सवाल
पाकिस्तान इस समय आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा है। महंगाई, बिजली की कमी और आईएमएफ से कर्ज की निर्भरता जैसी समस्याएं हैं। कई लोगों का कहना है कि जब आम जनता बुनियादी जरूरतों से जूझ रही है तो इतने बड़े और खर्चीले प्रचार वीडियो पर पैसा खर्च करना सही नहीं लगता। कुछ यूजर्स ने लिखा कि नेताओं और आम लोगों की जिंदगी में बहुत फर्क है, सिर्फ नाम का साथ दिख रहा है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान भी इस समझौते से खुश नहीं है। ईरान की संसद के एक सदस्य इब्राहिम रजाई ने सोशल मीडिया पर कहा कि सऊदी अरब को समझना चाहिए कि तुर्किए और पाकिस्तान के साथ कागजी समझौता सुरक्षा नहीं दे सकता।











