पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के आज़ाद जम्मू-कश्मीर (AJK) क्षेत्र में हाल के दिनों में हुए विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने अपने अधिकारों, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, खाद्य सुविधाओं और बुनियादी जरूरतों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए थे। आरोप है कि इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 30 से अधिक लोगों की मौत हुई और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए। घायलों में कुछ ब्रिटिश नागरिकों के शामिल होने की बात भी सामने आई है।
ब्रिटेन ने जताई चिंता
इस घटना के बाद ब्रिटेन सरकार ने भी चिंता व्यक्त की है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान हाई कमीशन से संपर्क कर स्थिति पर नाराजगी जताई और कहा कि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं है और वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के हालात को देखते हुए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में भी बदलाव किया है। 6 जून को जारी सलाह में ब्रिटिश नागरिकों को AJK क्षेत्र में केवल आवश्यक यात्रा करने की सलाह दी गई है। ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि वे वहां रहने वाले अपने नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान सरकार के साथ बातचीत भी कर रहे हैं।
वहीं, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कदम उठाए गए हैं। लेकिन मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि नागरिकों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
















