हिंसा बलमसाधूनां, राज्ञां दण्डविधिधिर्बलम्।
शुश्रूषा तु बलं स्त्रीणां, क्षमा गुणवतां बलम् ॥१॥
हिन्दी अर्थ-
दुष्टों का बल ‘हिंसा’ है। शासकों का बल ‘दण्ड’ (शक्ति) है। स्त्रियों का बल ‘सेवा’ है और गुणवानों का बल ‘क्षमा’ है।

















