बेंगलुरु। राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व अखिल भारतीय सह-कार्यवाहिका स्वर्गीय रुक्मिणी अक्का को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा नगर स्थित राष्ट्रोत्थान परिषद के ‘केशवशिल्पा सभागार’ में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में समाज और संगठन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने उनके 97 वर्षों के समर्पित और प्रेरणादायी जीवन को नमन किया।
“इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और क्रियाशक्ति का साक्षात स्वरूप थीं रुक्मिणी अक्का”
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी ने स्वर्गीय रुक्मिणी अक्का के विराट व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
“ललिता सहस्रनाम में वर्णित ‘इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और क्रियाशक्ति स्वरूपिणी’ की संकल्पना का साक्षात उदाहरण रुक्मिणी अक्का थीं। उन्होंने सभी वर्गों के कार्यकर्ताओं को समान स्नेह दिया तथा संगठनात्मक कार्यों में अपनी सटीकता, आत्मविश्वास और कार्यकुशलता के कारण एक विशेष पहचान बनाई।”
समाज सेवा के लिए खिला हुआ कमल: वी. नागराज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य वी. नागराज ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि रुक्मिणी अक्का समाज सेवा के लिए खिले हुए कमल के समान थीं। उनका 97 वर्षों का सुदीर्घ जीवन पूर्णतः समाज और राष्ट्र को समर्पित रहा। उन्होंने न केवल कर्नाटक में, बल्कि असम में भी संगठन के विस्तार और सेवा कार्यों में अपना अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया।
“मेरे सार्वजनिक जीवन की प्रेरणा स्रोत” – केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे
कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय मंत्री एवं सांसद शोभा करंदलाजे ने भावुक होते हुए अपने जीवन में रुक्मिणी अक्का के प्रभाव और उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को साझा किया।
- उन्होंने बताया कि उनके सार्वजनिक जीवन के निर्माण और विकास में रुक्मिणी अक्का के मार्गदर्शन की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
- रुक्मिणी अक्का ने अनुशासन, सेवा भाव और समाज के प्रति समर्पण को अपने जीवन के माध्यम से सिखाया।
- वे हमेशा एक मजबूत प्रेरणा स्रोत के रूप में याद की जाएंगी।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे गणमान्य जन
इस श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, समाजसेवी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में रुक्मिणी अक्का के समाजसेवा एवं संगठन निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

















