उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक कथित धर्मांतरण और संपत्ति विवाद का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में एक युवक द्वारा धर्म परिवर्तन कर विवाह करने के बाद उसके परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शामली शहर के मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी आयुष मलिक ने कथित रूप से इस्लाम मत स्वीकार कर अपना नाम रहमान रख लिया और चांदनी कुरैशी नामक युवती से निकाह कर लिया। इस घटना के बाद आयुष के पिता देवराज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए इसे केवल धर्म परिवर्तन का मामला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक साजिश बताया है। देवराज का आरोप है कि उनके पुत्र को योजनाबद्ध तरीके से अपने प्रभाव में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि बेटे पर मानसिक दबाव भी बनाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिवार की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा से यह पूरा घटनाक्रम रचा गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि आयुष को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
धर्मांतरण और संपत्ति साजिश के आरोप में 10 लोगों पर मुकदमा
पुलिस को दी गई तहरीर में देवराज ने कई व्यक्तियों के नाम शामिल किए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन मौलानाओं, चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम तथा अन्य आरोपियों सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। इसी क्रम में चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, आयुष के पिता देवराज ने सार्वजनिक रूप से भी अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि उनका पुत्र एक सुनियोजित षड्यंत्र का शिकार हुआ है और उसे वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या दबाव की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। देवराज ने यह भी कहा कि वह अपने बेटे को परिवार से पुनः जोड़ने और उसकी “घर वापसी” कराने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित व्यक्ति की इच्छा और कानून के दायरे में ही संभव होगा। फिलहाल यह विषय सामाजिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से चर्चा में बना हुआ है।
उधर, इस मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। हिंदू रक्षा दल के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शामली रेलवे स्टेशन पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान नारेबाजी भी की गई और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। सीओ सिटी के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। जब प्रदर्शनकारियों ने हनुमान टीले की ओर बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। कुछ समय तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बनी रही, लेकिन अधिकारियों के समझाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।












