फर्जी और भ्रामक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हैं। इसी क्रम में थाईलैंड का एक वीडियो शेयर करके भारतीय सेना को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कुछ थाई
ट्रांसजेंडर एक व्यक्ति को पीट रहे हैं और वह भारतीय सेना का एक लेफ्टिनेंट जनरल है। PIB फैक्ट चेक में खबर पूरी तरह से फर्जी है।
Multiple social media accounts are circulating a viral video claiming that the individual featured in the footage is a Lieutenant General in the Indian Army.#PIBFactCheck
❌ The claim is #FAKE.
❌ The image of The Times of India report being shared alongside the video has… pic.twitter.com/zZPPIGJ2zx
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 3, 2026
क्या है असली रिपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसको लेकर ऑरिजनल रिपोर्ट छापी है। इसके मुताबिक, थाईलैंड के पटाया शहर में 27 दिसंबर की सुबह एक भारतीय नागरिक को ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर्स के एक ग्रुप ने कथित तौर पर पीटा। वजह पैसे का विवाद था। 52 साल के राज जसूजा को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। बताया जाता है कि पटाया की वॉकिंग स्ट्रीट के बीच समुद्र किनारे वाले एंट्रेंस के पास सुबह करीब 5:30 बजे यह मामला हुआ। सावांग बोरीबून फाउंडेशन के रेस्क्यू वर्कर्स को कॉल मिला कि एक विदेशी पर्यटक घायल पड़ा है। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि राज जसूजा के चेहरे और सिर के पीछे चोट के निशान थे। उन्होंने तुरंत फर्स्ट एड दिया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
गवाह ने क्या बताया
19 साल के थाई गवाह पोंगपोल बूनचिड ने पुलिस और रेस्क्यू टीम को बताया कि राज जसूजा एक ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर से बहस कर रहे थे। बहस बढ़ी तो दोनों एक-दूसरे को पीछा करते हुए मारने लगे। फिर उस महिला ने अपने दोस्तों को बुला लिया। कई लोग आ गए और मिलकर राज जसूजा पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक विवाद पैसे को लेकर था। कथित तौर पर राज ने तय किए गए पैसे की पूरी रकम नहीं दी। थाईगर के अनुसार, पटाया में हाल के महीनों में भारतीय पर्यटकों और ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर्स के बीच ऐसे विवाद और हमले की कुछ और घटनाएं हो चुकी हैं। रिपोर्ट में ये स्पष्ट है कि शख्स का भारतीय सेना से कोई लेना देना नहीं था।















