अमेरिका की AI कंपनी एन्थ्रोपिक ने अपने सबसे उन्नत क्लाउड माइथॉस मॉडल का एक्सेस कुछ चुनिंदा भारतीय संगठनों को दे दिया है। ये मुख्य रूप से साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर की कंपनियां हैं। अभी इनकी संख्या एक अंक में है, यानी 9 या उससे कम।
इकोनॉमिक टाइम्स ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि IT सेक्टर की बड़ी कंपनियां इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं। एन्थ्रोपिक ने प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत 150 नई कंपनियों को इस मॉडल का एक्सेस देने की घोषणा मंगलवार को की थी। ये कंपनियां 15 से ज्यादा देशों की हैं।
सरकार और अधिक एक्सेस हासिल करने की कोशिश में
सरकार एन्थ्रोपिक के साथ लगातार बात कर रही है ताकि और ज्यादा एक्सेस मिल सके। कुछ सरकारी संस्थाओं को Mythos का प्रीव्यू मिलने वाला है। इसमें CERT-In (भारत की मुख्य साइबर सुरक्षा एजेंसी) भी शामिल हो सकती है। सरकार ने खासतौर पर CERT-In के लिए एक्सेस मांगा था। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के नेतृत्व में पिछले दो महीनों से अमेरिकी प्रशासन से बातचीत चल रही थी। मकसद ये था कि भारत की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई खतरा न हो।
क्या है Mythos
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में एन्थ्रोपिक ने पहले 50 संगठनों को Mythos दिया था। इनमें अमेजन वेब सेवा, गूगल क्लाउड, माइक्रोसॉफ्ट अजूर, एनवीडिया, एप्पल और जेपी मॉर्गन चेज जैसी कंपनियां शामिल थीं। इन कंपनियों ने अब तक 10,000 से ज्यादा गंभीर सिक्योरिटी कमजोरियों को ढूंढ निकाला है जो पहले किसी को पता नहीं थीं। नई कंपनियों को एक्सेस देने से पहले एन्थ्रोपिक सख्त सुरक्षा जांच करता है। इस बार पावर, वॉटर, हेल्थकेयर, कम्युनिकेशंस और हार्डवेयर जैसे सेक्टर्स को ज्यादा जगह दी गई है। कुछ वेंडर कंपनियां भी शामिल हैं जो दूसरी बहुत सी संस्थाओं का कोड संभालती हैं।
भारत में तैयारी
पिछले एक महीने में फाइनेंस मंत्री निर्मला सीतारमण, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव, उनके मंत्रालय के अधिकारी और RBI जैसे रेगुलेटर्स ने कई मीटिंग्स कीं। इनमें Mythos के भारतीय सिस्टम्स और डेटाबेस पर पड़ने वाले असर को समझा गया। भारतीय IT कंपनियां Mythos का एक्सेस चाहती थीं क्योंकि दुनिया भर के एंटरप्राइज उनके लिखे कोड इस्तेमाल करते हैं। Nasscom ने भी Anthropic से बात की थी। IT इंडस्ट्री का कहना है कि Mythos, जो अभी सबसे पावरफुल AI मॉडल माना जा रहा है, साइबर रेजिलिएंस बढ़ाने में मदद करेगा।
लेकिन सरकार ने साफ कहा था कि वो प्राइवेट कंपनियों की तरफ से बात नहीं करेगी। केंद्र सीधे Anthropic से जुड़ा है और अपनी चिंताएं रखी हैं। MeitY सचिव S Krishnan ने पहले भी यही बात कही थी। अभी नाम नहीं बताए गए हैं क्योंकि Anthropic ने नई कंपनियों से कुछ दिनों तक डिटेल्स शेयर न करने को कहा है। आधिकारिक ऐलान जल्द होने वाला है।

















