कौन हैं सनातन की साधना करने वाले राधेश्याम शुक्ला, जिनकी प्रेरक कहानी गीता प्रेस ने साझा की
August 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम धर्म-संस्कृति

कौन हैं सनातन की साधना करने वाले राधेश्याम शुक्ला, जिनकी प्रेरक कहानी गीता प्रेस ने साझा की

शुक्ला बताते हैं कि शुरुआती दौर में गीता प्रेस की मशीनें अपेक्षाकृत छोटी थीं। चित्र उत्तरकाशी से छपकर गोरखपुर आते थे। समय के साथ काम का विस्तार हुआ, आधुनिक मशीनें स्थापित हुईं और चित्रों की छपाई भी यहीं होने लगी।

Written byसुनीता मिश्रासुनीता मिश्रा
Jun 1, 2026, 11:20 pm IST
inधर्म-संस्कृति
राधेश्याम शुक्ला

राधेश्याम शुक्ला

कुछ लोग नौकरी को केवल आजीविका का साधन मानते हैं, जबकि कुछ अपने कार्य को सेवा और साधना का रूप दे देते हैं। गोरखपुर स्थित गीता प्रेस के कल्याण विभाग से जुड़े राधेश्याम शुक्ला ऐसे ही व्यक्तित्व हैं, जिनके जीवन में कर्म के प्रति निष्ठा और सनातन धर्म के प्रति समर्पण की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। वर्ष 2009 में गीता प्रेस के अत्यंत महत्वपूर्ण ‘कल्याण’ विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनका संस्थान से जुड़ाव समाप्त नहीं हुआ। सहकर्मियों के अनुरोध पर उन्होंने पुनः विभाग की जिम्मेदारी संभाली और तब से वह लगातार सनातन की सेवा में कार्यरत हैं।

राधेश्याम शुक्ला बताते हैं कि वर्ष 1978 में उनकी नियुक्ति गीता प्रेस के कल्याण संपादकीय विभाग में हुई थी। तभी से उनका जीवन इस संस्थान और इसके उद्देश्य के साथ जुड़ गया। वे कहते हैं, “मेरा परिवार और मेरे माता-पिता शुरू से ही सनातन धर्म के संस्कारों से जुड़े रहे हैं। मैंने कभी भी गीता प्रेस के कार्य को नौकरी नहीं माना, बल्कि इसे सेवा और साधना के रूप में किया। पढ़ने-लिखने में मेरी विशेष रुचि रही है और आज भी वही भावना बनी हुई है।”

समय के साथ बदली तकनीक

शुक्ला बताते हैं कि शुरुआती दौर में गीता प्रेस की मशीनें अपेक्षाकृत छोटी थीं। चित्र उत्तरकाशी से छपकर गोरखपुर आते थे। समय के साथ काम का विस्तार हुआ, आधुनिक मशीनें स्थापित हुईं और चित्रों की छपाई भी यहीं होने लगी। आज गीता प्रेस अत्याधुनिक प्रिंटिंग तकनीकों से लैस है, जिससे बड़ी संख्या में धार्मिक ग्रंथों का प्रकाशन संभव हो पा रहा है।

अनुवाद और कंपोजिंग सबसे बड़ी चुनौती

संपादकीय कार्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए वे बताते हैं कि अनुवाद और कंपोजिंग सबसे महत्वपूर्ण और जटिल प्रक्रियाएं हैं। किसी भी ग्रंथ के प्रकाशन से पहले उसे कई स्तरों की जांच और संपादन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। गीता प्रेस ने रामचरितमानस सहित अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथों का विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन किया है। रामचरितमानस यहां चार अलग-अलग आकारों में प्रकाशित की जाती है, जिससे विभिन्न वर्गों के पाठकों की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।

शुचिता और पवित्रता सर्वोपरि

गीता प्रेस की विशेषता केवल धार्मिक ग्रंथों का प्रकाशन नहीं, बल्कि छपाई के दौरान सनातन धर्म की शुचिता और पवित्रता का पालन करना भी है। ऑफसेट प्रिंटिंग में आमतौर पर एल्कोहल डैम्पिंग का प्रयोग किया जाता है, जिससे छपाई अधिक स्पष्ट और आकर्षक होती है, लेकिन गीता प्रेस छपाई के लिए पारंपरिक कन्वेंशल डैम्पिंग पद्धति का उपयोग करता है। इसी प्रकार पुस्तकों की बाइंडिंग में भी विशेष सावधानी बरती जाती है। यहां ऐसी मशीनों का उपयोग नहीं किया जाता,जिनमें एनिमल जेली युक्त ग्लू हो। इसके स्थान पर सिंथेटिक एडहेसिव का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता बनी रही।

ग्रंथों से जुड़ा है श्रद्धा का भाव

राधेश्याम शुक्ला कहते हैं कि गीता प्रेस के पाठकों के लिए धार्मिक ग्रंथ केवल पुस्तकें नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक हैं। लोग इन्हें भगवान की प्रतिमा के समान पूजते हैं। कई परिवारों में दशकों पुरानी रामचरितमानस या श्रीमद्भगवद्गीता आज भी सुरक्षित रखी जाती हैं और उनका नियमित पाठ किया जाता है। वे बताते हैं कि गीता प्रेस का प्रयास रहता है कि उसकी पुस्तकें इतनी मजबूत और टिकाऊ हों कि एक पीढ़ी द्वारा खरीदा गया ग्रंथ आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सके। किसी परिवार की तीसरी पीढ़ी भी गर्व से कह सके कि यह पुस्तक उनके दादा के समय की है।

15 भाषाओं में 1800 पुस्तकों का प्रकाशन

आज गीता प्रेस 15 भाषाओं में लगभग 1800 प्रकार की पुस्तकों का प्रकाशन कर रहा है। संस्थान हर महीने लगभग 600 टन कागज का उपयोग कर उसे धार्मिक ग्रंथों के रूप में परिवर्तित करके देश-विदेश के पाठकों तक पहुंचाता है। यह केवल प्रकाशन का कार्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन परंपरा के संरक्षण का एक सतत अभियान है। राधेश्याम शुक्ला का जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब कर्म में निष्ठा और उद्देश्य में समर्पण हो, तो सेवा ही साधना बन जाती है।

 

Topics: सनातन धर्मSanatan DharmaRamcharit Manasगीता प्रेसGita Pressराधे श्याम शुक्लाराधेश्याम शुक्ला की प्रेरक कहानीRadhe Shyam Shukla
सुनीता मिश्रा
सुनीता मिश्रा
हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री। इग्नू दिल्ली से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री। पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बस्तर में घर वापसी

10 साल बाद ईसाई मत छोड़ सनातन में लौटा परिवार, बस्तर में सात सदस्यों की ‘घर वापसी’

नाग पंचमी

नाग पंचमी पर क्यों होती है नागों की पूजा? जानिए धार्मिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व

शाहजहां बानो ने अपनाया सनातन धर्म

जौनपुर की शाहजहां बानो ने अपनाया सनातन धर्म, प्रतीक्षा यादव बनकर प्रेमी पवन यादव से की शादी

तमन्ना ने अपनाया सनातन धर्म

Ghar Wapsi: तमन्ना ने इस्लाम छोड़ अपनाया सनातन धर्म, हुआ वैदिक रीति से घर वापसी संस्कार

प्रतीकात्मक तस्वीर

घर वापसी: ईसाई बने 47 लोगों ने अपनाया सनातन धर्म, चार दिन में 153 लोग अपने मूल धर्म में लौटे

खटीमा: ईसाई बने थारू जनजाति के 36 लोगों ने सनातन धर्म में की घर वापसी, जनेऊ और कलेवा धारण किया

Load More

ताज़ा समाचार

इंदिरा गांधी स्टेडियम में होगा गायत्री परिवार का विराट समारोह, 31 अक्टूबर से शुरू होगा 3 दिवसीय आयोजन

लातूर के उर्दू स्कूल में पहुंचे अभिजीत दिपके, छात्रों से पूछे कई सवाल; शिक्षिका की शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस

Aadhaar card update

बच्चे का Aadhaar बना है तो अभी कर लें ये काम, 30 सितंबर के बाद लग सकता है चार्ज

प्रतीकात्मक चित्र

बांग्लादेश में हिंदू परिवार के चार सदस्यों के शव मिले, हत्या का आरोप

स्वाइन फ्लू

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का पहला मामला, 2 साल की बच्ची में H1N1 वायरस की पुष्टि

भारत ने बना डाली पहली 100% स्वदेशी AK-203, ‘शेर’ ने पास किया फायरिंग टेस्ट

कीर्ति आजाद

तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद के खिलाफ रंगदारी मांगने का मामला, सीआइडी जांच शुरू

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

तिरंगे की शान और 140 करोड़ देशवासियों के सपना ही अंतरिक्ष में भारत का संकल्पः प्रधानमंत्री मोदी

इस्कॉन की रथ यात्रा में पहुंचे अर्नोल्ड श्वार्जनेगर, रथ के सामने सेल्फी लेते दिखे; तस्वीरें वायरल

प्रतीकात्मक तस्वीर

खाड़ी देशों में पाकिस्तानियों पर बड़ी कार्रवाई, 20 हजार से ज्यादा नागरिक डिपोर्ट, सऊदी अरब सबसे आगे

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies