शैवा यमीशं शिव इत्यवोचन् यं वैष्णवा विष्णुरिति स्तुवन्ति ।
बुद्धस्तथार्हन्निति बौद्धजैनाः सत् श्री अकालेति च सिक्खसन्तः ।।
हिन्दी अर्थ-
शैव सम्प्रदाय के अनुयायी जिस परमेश्वर को शिव कहते हैं, वैष्णव सम्प्रदाय के अनुयायी जिसकी विष्णु के रूप में स्तुति करते हैं, बौद्ध जिसे बुद्ध, जैन जिसे अर्हत तथा सिक्ख सन्त जिसे सत् श्री अकाल कहते हैं।

















