भारत आज का श्लोक : यं शैवाः समुपासते शिव इति ब्रह्मेति वेदान्तिनो – शैव जिसे शिव, वेदान्ती जिसे ब्रह्म कहते हैं
भारत एकाश्म में ब्रह्मांड: एक शिला के कैलाश बनने की कहानी और एक शिल्पी का संकल्प, जिसे आज के इंजीनियर भी मानते हैं ‘असंभव’
भारत सावन, सनातन और शिव हमेशा जोड़ते हैं, कांवड़ में सब भोला, जीवन में सब हिंदू क्यों नहीं: स्वामी दीपांकर की अपील
उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ मंदिर से संस्कृत विद्यालयों के छात्रों को फ्री में मिलेगी ड्रेस और पुस्तकें, कई जगहों पर मिलेगा प्रसाद
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग में किया भर्ती