गांधीनगर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के गांधीनगर में कलोल एवं गांधीनगर (उत्तरी) विधानसभा क्षेत्र में 340 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने एक प्राथमिक पाठशाला का भी उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गांवों का सर्वांगीण विकास: 2029 तक हर गांव में होगा बगीचा और तालाब
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बीते 10 दिनों में उन्हें गांधीनगर जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों में 1200 करोड़ रुपए के कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास का अवसर प्राप्त हुआ है।
विकास कार्यों के प्रमुख बिंदु:
- आत्मनिर्भर गांव: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकास मॉडल से आज हर गाँव आत्मनिर्भर और सुविधा संपन्न हो रहा है, जिससे हर व्यक्ति को अच्छा जीवन जीने का अधिकार मिल रहा है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: अब गांवों में विद्यालय, शिक्षक, आरोग्य की व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित हुई है।
- लाइब्रेरी और खेलकूद: युवाओं को बुरी आदतों से दूर रखने और उनके व्यक्तित्व विकास के लिए गांवों में छोटी लाइब्रेरी बनाई जाएंगी।
- 2029 का लक्ष्य: 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले कलोल एवं गांधीनगर (उत्तरी) के हर गाँव में बगीचे और तालाब का काम पूरा कर लिया जाएगा।
वीर सावरकर को श्रद्धांजलि: “जन-जन ने दी थी ‘वीर’ की उपाधि”
केन्द्रीय गृह मंत्री ने महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सावरकर जी एक ऐसे राष्ट्रभक्त थे जिन्हें ‘वीर’ की उपाधि किसी सरकार ने नहीं, बल्कि जन-जन ने दी थी। इसी कारण आज भी देश का बच्चा-बच्चा उन्हें ‘विनायक दामोदर सावरकर’ नहीं, बल्कि ‘वीर सावरकर’ के नाम से जानता है।
श्री शाह ने काला पानी जेल का एक प्रेरक संस्मरण सुनाते हुए कहा-
“जब अंग्रेज जेलर ने सावरकर जी से हंसकर कहा कि आपको दो आजीवन कारावास की सजा हुई है और आप बाहर नहीं निकल सकते, तो सावरकर जी ने हंसते-हंसते जवाब दिया था – ‘मेरे जीवनकाल जितना लंबा अंग्रेज सरकार का शासन नहीं है और मेरा देश जल्द ही आजाद होगा।’“
उन्होंने बताया कि सावरकर जी ने काले पानी की जेल में पत्थर की दीवारों पर अपने खून से मां भारती की स्वतंत्रता का काव्य लिखा था। उन्होंने ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ नामक पुस्तक लिखी, अस्पृश्यता के खिलाफ ऐतिहासिक काम किया, हमारी भाषाओं का महिमामंडन किया और ‘पतित पावन मंदिर’ की स्थापना कर उसे सभी वर्गों के लिए खोला।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन और सीमा सुरक्षा पर सरकार का प्रहार
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के 12 साल के कार्यकाल में गुजरात का विकास मॉडल कश्मीर से कन्याकुमारी और गंगा सागर से सोमनाथ तक फैल चुका है। इसी का परिणाम है कि आज देश के 80% भूभाग पर पार्टी का शासन है।
बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ सत्तासीन रही पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। बंगाल में सरकार बनते ही सीमा पर फेंसिंग (बाड़ लगाने) और एंटी-इनफिल्ट्रेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया गया है।
- बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी ने सरकार बनाने के महज 7 दिन के भीतर 600 हेक्टेयर भूमि सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दी है।
- चिकन नेक कॉरिडोर की 121 हेक्टेयर भूमि भी भारत सरकार को दे दी गई है।
- बंगाल सरकार ने घुसपैठियों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाए हैं। सरकार का प्रस्ताव है कि यदि घुसपैठिए खुद वापस लौट जाते हैं, तो उन पर कोई केस नहीं किया जाएगा और लौटने में उनकी मदद भी की जाएगी।
डेमोग्राफिक चेंज पर बनेगी उच्च स्तरीय समिति
गृह मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि देश भर से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर बाहर निकालना हमारी सरकार का संकल्प है। इसी वजह से देशभर में जनसंख्या में हो रहे कृत्रिम बदलावों (Demographic Change) को रोकने के लिए प्रधानमंत्री जी ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
यह समिति जनसांख्यिकीय बदलावों, उनके कारणों और उपायों का व्यापक अध्ययन करेगी। यह समिति एक साल में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और यदि आवश्यक हुआ तो नए कानून बनाने की सिफारिश भी करेगी।
अंत में अमित शाह ने विश्वास जताया कि मोदी जी के नेतृत्व में गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र देश का सबसे विकसित लोकसभा क्षेत्र बनेगा।
(इनपुट हिंदुस्थान समाचार एजेंसी)

















