वाराणसी | आगामी बकरीद (ईद-उल-अज़हा) पर्व से ठीक पहले वाराणसी नगर निगम और जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शहर की प्रसिद्ध बेनियाबाग बकरा मंडी को पूरी तरह से बंद करा दिया है। पूर्वांचल भर से पशु व्यापारी और खरीदार इस मंडी में बकरों की खरीद-फरोख्त के लिए आते थे, लेकिन अब इसके मुख्य गेट पर प्रशासन का सरकारी ताला लटक गया है।
क्या है कार्रवाई की मुख्य वजह?
प्रशासनिक सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, मंडी बंद करने के पीछे सबसे बड़ी वजह इसका श्री काशी विश्वनाथ धाम के बेहद करीब होना है।
यह स्थान श्री काशी विश्वनाथ धाम के दो किलोमीटर की परिधि (Radius) के अंदर आता है। मंडी में बड़ी संख्या में जानवरों के रख-रखाव और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों तथा दर्शनार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जिसकी लगातार शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं।
महापौर का बयान: “शहर के बाहर होगी शिफ्टिंग”
वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने इस कार्रवाई को स्पष्ट करते हुए बताया कि बेनियाबाग में काफी अव्यवस्था फैल गई थी। उन्होंने पशु व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, “बहुत जल्द ही शहर के बाहर एक उपयुक्त स्थान पर इसकी व्यवस्था कर दी जाएगी और सभी व्यापारियों को वहां सुरक्षित शिफ्ट कर दिया जाएगा।”
आवंटन निरस्त, मौके पर टीम ने कराया खाली
इस मंडी के संचालन और प्रशासन की कार्रवाई का घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
- संचालक: जानकारी के अनुसार, बेनियाबाग बकरी मंडी का संचालन साजिद खान द्वारा किया जा रहा था।
- अनुमति की अवधि: प्रशासन की ओर से इस मंडी को 18 मई से 27 मई तक संचालित करने की अनुमति दी गई थी।
- अचानक निरस्तीकरण: शनिवार को स्मार्ट सिटी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंडी का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
- प्रशासनिक एक्शन: नगर आयुक्त के सख्त निर्देश पर नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पूरी मंडी को खाली कराकर मुख्य गेट पर सरकारी ताला जड़ दिया गया।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पशु व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है और वे प्रशासन की ओर से शहर के बाहर नए स्थान के आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।











