उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ जिसने लोगों को हैरान कर दिया। पुलिस ने “जिम जिहाद” नाम से चर्चा में आए एक गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि कुछ लोग फिटनेस और जिम ट्रेनिंग के नाम पर लड़कियों को अपने जाल में फंसा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी इमरान खान और मौलवी खलीलुर रहमान समेत दस लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है और उनके पाँच जिम भी सील कर दिए गए हैं।
जिम में लड़कियों को फंसाने और ब्लैकमेल करने का मामला
जांच के अनुसार, यह गिरोह जिम में आने वाली हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता था। पहले दोस्ती और फिटनेस ट्रेनिंग के बहाने उनसे नजदीकियां बढ़ाई जाती थीं। इसके बाद प्यार का नाटक कर लड़कियों को भावनात्मक रूप से कमजोर बनाया जाता था। जब लड़कियां भरोसा करने लगती थीं, तब उनके निजी फोटो और वीडियो बना लिए जाते थे। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह में कई लोग शामिल थे, जिनमें आलम, फैजल, जहीर, शादाब, अश्वाक, साहिल और इर्शाद नाम के लोग भी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि लड़कियों पर धीरे-धीरे धार्मिक दबाव बनाया जाता था। उन्हें बुर्का पहनने, मजार पर ले जाने और धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जाता था।
इस पूरे मामले में एक महिला सानू का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह लड़कियों का भरोसा जीतने का काम करती थी ताकि गिरोह आसानी से उन्हें अपने जाल में फंसा सके। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक पुलिस हेड कांस्टेबल इर्शाद पर भी इस गिरोह का साथ देने का आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब जनवरी महीने में कुछ पीड़ित लड़कियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाया और उनके जिम बंद कर दिए।

















