यूनाइटेड किंगडम (UK) में हिंदू समुदाय के खिलाफ उनके धर्म के आधार पर नफरत करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहां रहने वाले हिंदुओं के साथ होने वाले इन हेट क्राइम्स की रिपोर्टिंग भी बहुत कम हो पाती है। इसकी चिंताओं के बीच वहां से एक राहत भरी खबर आई है। इन घटनाओं को दर्ज करने के लिए यूके में एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है जिसका नाम है ‘एंटी-हिंदू हेट मॉनिटर’ (AHHM)।
इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य इन घटनाओं का व्यवस्थित डेटा इकट्ठा करना और उसे ब्रिटिश सरकार तथा पुलिस के सामने मजबूती से रखना ताकि समय रहते इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।
क्या है ‘एंटी-हिंदू हेट मॉनिटर’ (AHHM)?
लंदन के ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबिलिटी’ (ICfS) के ‘फ्यूचर ऑफ फेथ डेस्क’ के तहत इस विशेष प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने के पीछे की मंशा यह है कि ब्रिटेन में हिंदू समुदाय के साथ होने वाली भेदभावपूर्ण घटनाओं को आधिकारिक रूप से दर्ज करवाना, जिसकी कमी वहां पर अभी तक खलती रही है। यह पोर्टल इन घटनाओं का एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करेगा ताकि सरकार, होम ऑफिस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस इन पर ठोस कार्रवाई कर सकें।
क्या कहते हैं आंकड़े?
पिछले साल अक्टूबर में जारी आधिकारिक गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में धार्मिक रूप से प्रेरित अपराधों में भारी उछाल देखा गया था। हालांकि, इन आंकड़ों में हिंदू विरोधी अपराधों की संख्या (182 मामले या 2%) सिखों, मुस्लिमों या यहूदियों के खिलाफ दर्ज मामलों के मुकाबले कम दिखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कम संख्या इसलिए है क्योंकि हिंदुओं के खिलाफ होने वाली कई घटनाओं की रिपोर्टिंग ही नहीं हो पाती। ICfS को चिंता है कि हिंदू विरोधी घृणा एक बढ़ती हुई समस्या है जिस पर अभी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
क्यों पड़ी इस प्लेटफॉर्म की जरूरत?
ICfS ने पिछले साल ही ‘ब्रिटेन में हिंदू विरोधी नफरत और भेदभाव की धारणाओं की जांच’ नाम की एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में यह बात उभर कर आई कि ब्रिटेन के हिंदू समुदाय के खिलाफ होने वाले घृणा अपराधों की सही निगरानी के लिए कोई व्यवस्थित तंत्र नहीं है। इसलिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने की दरकार हुई जहां पर इसकी शिकायतें अधिकारिक रूप से और जल्द से जल्द दर्ज किया जा सके। इसलिए इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत हुई।
AHHM कैसे काम करेगा?
यह नया पोर्टल न केवल हिंदू समुदाय बल्कि जैन समुदाय और अन्य धर्मों से जुड़े लोगों के साथ होने वाली घटनाओं को भी कवर करेगा। AHHM ने हिंदू विरोधी घटनाओं को बेहतर विश्लेषण के लिए 9 कैटेगरी में बांटा है ताकि हर घटना को सही तरीके से दर्ज किया जा सके। इसमें अत्यधिक हिंसा, हमला, संपत्ति को नुकसान, धमकी जैसे अपराधों को शामिल किया गया है।
समुदाय से की सहयोग की अपील
‘हिंदू काउंसिल यूके’ में समानता और समावेशन के निदेशक दीपेन राज्यगुरु ने कहा, ‘हम मंदिरों, संगठनों, युवा समूहों (ग्रुप्स) और सामुदायिक नेताओं को प्रोत्साहित करते हैं कि वे अपने नेटवर्क में इस प्लेटफॉर्म को साझा करके AHHM (एंटी-हिंदू हेट मॉनिटर) का समर्थन करें। साथ ही जो लोग प्रभावित हुए हैं, उन्हें उचित रूप से इस रिपोर्टिंग सिस्टम का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें।’
उन्होंने आगे कहा, ‘एक साथ मिलकर काम करने से हम समझ को मजबूत कर सकते हैं, सुरक्षा में सुधार कर सकते हैं और यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं कि सभी समुदायों के साथ गरिमा और सम्मान का व्यवहार किया जाए।’
लंदन असेंबली के सदस्य रुपेश हिरानी ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग का कोई ठोस तरीका नहीं था लेकिन अब सामुहिक प्रयासों से यह टूल विकसित हो गया है। उनका अगला लक्ष्य मेट्रोपॉलिटन पुलिस को इस डेटा को आधिकारिक रूप से मान्यता देने के लिए राजी करना है।
यह पोर्टल ओर्निचा दाओरुआन के नेतृत्व में विकसित किया गया है। यह पहल ब्रिटेन में हिंदुओं की भागीदारी को सुरक्षित करने और गरिमा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

















