कांग्रेस के समर्थन से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने जोसेफ विजय मुल्लीवईक्कल स्मृति दिवस पर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वेलुपिल्लई प्रभाकरण को श्रद्धांजलि अर्पित कर विवादों में घिर गए हैं। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने पिछले साल भी प्रभाकरण की सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा की थी, जो भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था।
इसके बावजद कांग्रेस ने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को अपना समर्थन दिया और राहुल गांधी उनके शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। विजय के विवादित बयान और प्रभाकरण की पुण्यतिथि पर उसे श्रद्धांजलि देने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचने वाले संगठन के संस्थापक की तारीफ करने वाले विजय को कांग्रेस राजनीतिक समर्थन दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजीव गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार संगठन के प्रमुख को श्रद्धांजलि देने पर कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करे।
‘सत्ता में मिल रहा हिस्सा, राहुल गांधी को नहीं होगी दिक्कत’
अमित मालवीय ने एक्स पर द हिंदू का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ”तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ने LTTE प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरण को श्रद्धांजलि दी है, जिसके संगठन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी। जाहिर है, राहुल गांधी को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि कांग्रेस को सत्ता में अपना हिस्सा मिल रहा है। आखिरकार, डीएमके भी LTTE का बचाव करने वालों में से थी, फिर भी कांग्रेस उसके साथ गठबंधन में पूरी तरह से सहज रही।”
उन्होंने आगे लिखा कि भले ही कांग्रेस अपने राजनीतिक विचारों को लेकर कितनी भी उदार क्यों न हो, लेकिन द हिंदू डीएमके के तंत्र के प्रति पूरी तरह से समर्पित है। उसने मुख्यमंत्री विजय और उनकी टीवीके को निशाना बनाना शुरू भी कर दिया है। शायद कांग्रेस द हिंदू से इस बारे में एक-दो बातें सीख सकती है।
क्या कहा था टीवीके ने?
सोशल मीडिया पोस्ट में TVK प्रमुख ने लिखा, “हम मुल्लीवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में संजोकर रखेंगे। हम समंदर पार (विदेशों में) रहने वाले अपने तमिल भाई-बहनों के अधिकारों के लिए हमेशा एकजुट होकर खड़े रहेंगे।”
क्यों मनाया जाता है 18 मई का दिन?
भारत में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) अब भी एक प्रतिबंधित संगठन है। 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में इसकी भूमिका है, जिसमें प्रभाकरण को मुख्य आरोपी बनाया गया था। दुनिया भर में फैले श्रीलंकाई तमिल समुदाय और भारत में रहने वाले तमिलों का एक वर्ग प्रति वर्ष 18 मई को ‘मुल्लीवईक्कल स्मरण दिवस’ या ‘तमिल नरसंहार स्मरण दिवस’ के रूप में मनाता है। मुल्लीथिवु जिले के छोटे से तटीय गांव मुल्लीवईक्कल में लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरण की मौत के बाद 18 मई 2009 को लगभग तीन दशक पुराना श्रीलंकाई गृहयुद्ध समाप्त हुआ था। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, युद्ध के अंतिम चरणों में 40,000 से 70,000 तमिल नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जिसके बाद मुल्लीवईक्कल युद्धकालीन अत्याचारों और नागरिकों की पीड़ा का वैश्विक प्रतीक बन गया। इस दिन का नाम उस गांव (मुल्लीवईक्कल) के नाम पर रखा गया है।

















