नैनीताल: सनातन धर्म छोड़ कर ईसाई धर्म अपनाकर आरक्षण और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने वालों लोगों पर नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाई कोर्ट ने पहली बार ऐसे मामलों का संज्ञान लिया है।
क्या है पूरा मामला?
हिंदू धर्म के कई लोगों की ओर से ईसाई धर्म अपनाने और सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ लेने के मामले पर दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायधीश न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा है कि ऐसे कितने लोग हैं? जो धर्म परिवर्तन करके सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ ले रहें हैं, उनको तीन हफ्ते के भीतर पक्षकार बनाएं. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन हफ्ते बाद की तारीख नियत की है।
ये है दायर याचिका में मामला
सीमांत पिथौरागढ़ जिले के निवासी दर्शन लाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके वहां कई लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है। जबकि, इनको पहले से भी कई सरकारी योजनाओं का लाभ और आरक्षण मिल रहा था। अब दूसरा धर्म अपनाने पर उसका भी लाभ ले रहे हैं। जिसकी वजह से अन्य लोगों को मिलने वाले सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
ये लोग धर्म परिवर्तन करके सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। जिसकी वजह से उनको मिलने वाली योजनाओं का लाभ, उन्हें नहीं मिल पा रहा है। इसलिए इन्हें दो-दो जगह का लाभ न दिया जाए। पिथौरागढ़ में कितने लोगों की ओर से धर्म बदला गया? उसकी सूची चर्च से याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में पेश की गई। जिस पर हाईकोर्ट ने ऐसे ही अन्य लोगों की लिस्ट भी कोर्ट में पेश करने को कहा है। जनहित याचिका में कोर्ट से याचना की गई है कि इस पर रोक लगाई जाए।
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US नगर में भी धर्मांतरण मामले
उधम सिंह नगर में लगातार सामने आ रहे धर्मांतरण के मामलों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और पुलिस अधिकारियों के साथ धर्मांतरण, अवैध धार्मिक संरचनाओं एवं अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम धामी ने भी चेताया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता और सितारगंज में थारू बुक्सा जनजाति समाज की जनसभाओं में मंच से कहा कि उत्तराखंड में सख्त धर्मांतरण कानून लागू किया गया है, जो धर्मांतरण करेगा और कराएगा उनकी जगह जेल की सलाखों के पीछे है, उन्होंने ये भी कहा कि लालच, प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन की शिकायतें मिली है उनकी जांच प्रशासन कर रहा है। श्री धामी ने कहा कि जनजाति संस्कृति सनातन संस्कृति है जिसे हम मिटने नहीं देंगे।

















