तमिलनाडु में हाल ही सत्ता में आई के जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) पार्टी के एक विधायक का बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। यह बयान द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म वाले पुराने बयान से जुड़ा है।
क्या हुआ था?
12 मई को मदुरै मध्य सीट से TVK विधायक एम. बदरुद्दीन (वी.एम.एस. मुस्तफा) ने संवाददाताओं से बात करते हुए उदयनिधि स्टालिन के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पेरियार ई.वी. रामासामी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा को मानती है और सनातन धर्म का विरोध करती है। उन्होंने यह भी कहा कि “हम भी सनातन धर्म को खत्म करने के लिए मैदान में हैं।”
दरअसल, उसी दिन विधानसभा में हिन्दू विरोधी उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने वाले अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा था कि सनातन धर्म का उन्मूलन होना चाहिए।
बयान पर विवाद और प्रतिक्रियाएं
इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने काफी आलोचना की। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि किसी मुस्लिम निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा हिंदू धर्म के बारे में ऐसी बातें कहना धार्मिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने पूछा कि क्या मुस्तफा इस्लाम या ईसाई धर्म की आलोचना करने का साहस करेंगे? तिरुपति ने यह भी कहा कि सत्ता में होने के कारण कुछ भी बोलने का अहंकार दिख रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से अपील की कि वे उदयनिधि के बयान और मुस्तफा की टिप्पणी की निंदा करें, क्योंकि मुख्यमंत्री सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भाजपा नेता विनोद पी. सेल्वम ने मांग की कि विजय को मुस्तफा को बर्खास्त कर देना चाहिए ताकि उनके धर्मनिरपेक्ष रुख का पता चले।
TVK की सफाई
चौतरफा आलोचना के बाद मुस्तफा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने लिखा कि “हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं।” तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने पार्टी की तरफ से सफाई देते हुए कहा कि TVK किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है। पार्टी असमानता और जाति व्यवस्था का विरोध करती है, हिंदू धर्म का नहीं।
अर्जुन ने कहा, “उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म का पूरा ज्ञान नहीं है। हम सभी धर्मों को समान मानते हैं और उनका सम्मान करते हैं। उत्तर भारत में सनातन को अक्सर हिंदू धर्म से जोड़ा जाता है, लेकिन दक्षिण में इसे असमानता से जोड़कर देखा जाता है। हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुत्व के खिलाफ हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि टीवीके जाति व्यवस्था का विरोध करती है, न कि हिंदू धर्म का।

















