ब्रिटेन: बर्मिंघम में कट्टरपंथियों की चुनावी जीत! जानिए 13 स्वतंत्र मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत के मायने
June 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

ब्रिटेन: बर्मिंघम में कट्टरपंथियों की चुनावी जीत! जानिए 13 स्वतंत्र मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत के मायने

ब्रिटेन के बर्मिंघम में स्थानीय चुनावों में 13 स्वतंत्र मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत ने लेबर पार्टी के वोटबैंक को हिला दिया है। गाजा, हलाल और मजहबी मूल्यों के नाम पर मिली इस जीत और कट्टरपंथी नेताओं के विवादित बयानों का विशेष विश्लेषण।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
May 14, 2026, 10:05 pm IST
in विश्व, विश्लेषण, मत अभिमत
Birmingham Muslim Independent Candidates Victory UK Election

Birmingham Muslim Independent Candidates Victory UK Election । क्या ब्रिटेन के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले शहर बर्मिंघम में लोकतंत्र अब मजहबी पहचान के हाथों बंधक बन गया है? कचरे के ढेर और गाजा के नारों के बीच निकले चुनावी नतीजों ने लेबर पार्टी की नींद उड़ा दी है…

ब्रिटेन मे पिछले दिनों स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है और इसे लेकर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की आलोचना हो रही है। मगर सबसे ज्यादा लोगों को हैरानी बर्मिंघम की हार से हो रही है। बर्मिंघम में ब्रिटेन में सबसे अधिक मुस्लिम रहते हैं और जिनमें पाकिस्तानी सबसे ज्यादा हैं और उसके बाद बांग्लादेशी मुस्लिम हैं।

बर्मिंघम पिछले कई समय से नकारात्मक रूप से चर्चा में रहा था। वहाँ पर एक साल से जो सबसे बड़ी समस्या थी, वह थी वहाँ के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल। लेबर के नेतृत्व वाली काउंसिल ने कचड़ा विभाग में कुछ पदों को बदलने और सैलेरी की संरचना में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। मगर इन प्रस्तावों को यूनियन ने नकार दिया और हड़ताल कर दी।

लेबर काउंसिल ने कडा रुख अपनाया और यूनियन की मांगों को मानने से इनकार कर दिया। इसे लेकर लोगों में आक्रोश भड़क गया था और देखते ही देखते यूनियन की हड़ताल के कारण सड़कों पर कचड़े के ढेर लग गए। हमने भी कई बार पांचजन्य में लिखा कि किस प्रकार बर्मिंघम कचड़े का अड्डा बन गया है।

यह हड़ताल जनवरी 2025 में आरंभ हुई थी और मार्च 2025 से यह पूरी तरह से हड़ताल में बदल गई। जो सड़कों पर कचड़े के ढेर थे, उनसे चूहे, मक्खियाँ, बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया। वहाँ की सड़कों पर बिल्ली के आकार के चूहे तक की खबरें आईं।

ब्रिटेन में स्वतंत्र गठबंधन ने इसे भुनाया

बर्मिंघम में इस मुद्दे को अख्तर याकूब और शकील अफसर वाले स्वतंत्र गठबंधन ने इस मामले को भुनाया और लेबर को इस कचड़े के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार बताया। इन्होनें लोगों से वादा किया कि वे उन्हें इस कचड़े की समस्या से निजात दिलाएंगे।

कौन हैं अख्तर याकूब और शकील अफसर?

अख्तर याकूब और शकील अफसर इंडिपेंडेंट अलाइअन्स के दो मुख्य नेता हैं, जिनके नेतृत्व में स्वतंत्र मुस्लिम उम्मीदवार लड़े थे। अख्तर याकूब और शकील अफसर दोनों ही कट्टर मुस्लिम हैं, और वे लगातार ही विवादित बयान देते रहे हैं। अख्तर याकूब का सबसे बड़ा विवादित बयान यहूदियों को लेकर रहा था। उन्होनें कहा था कि “The Zionists control everything” (यहूदियों/जियोनिस्ट सब कुछ कंट्रोल करते हैं)।“ और यह भी कहा था कि जियोनिस्ट पूरे विश्व के नैरेटिव को कंट्रोल करते हैं।

मगर इससे पहले वर्ष 2024 में एक कार्यक्रम में महिलाओं को लेकर यह भी कहा था कि “70% of hell is going to be women” (नर्क में 70% महिलाएँ होंगी)।

शकील अख्तर भी पीछे नहीं थे। शकील अख्तर के भी कई विवादित बयान रहे। शकील ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि उनके पूर्वजों ने यूके को दोबारा बनाया है, इसलिए अब वे यूके पर कब्जा करना चाहते हैं।

इनके मुख्य वायदों में था लेबर पार्टी को सत्ता से हटाना और गाजा/फिलिस्तीन के लिए आवाज उठाना।

उन्होनें मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा के लिए भी चुनावी वायदे किये जैसे कि हलाल, नमाज की जगहें, मजहबी मूल्य!

लेबर पार्टी को मुस्लिम परस्त पार्टी माना जाता है और यह भी कहा जाता है कि लेबर पार्टी ने पाकिस्तान और बांग्लादेशी मुस्लिमों के वोट पाने के लिए हमेशा ही अपने नागरिकों के अधिकारों को अनदेखा किया, फिर भी मुस्लिमों ने लेबर पार्टी का साथ क्यों छोड़ दिया?

दरअसल इसके पीछे गाजा है। मुस्लिम समुदाय के नेताओं का मानना है कि लेबर पार्टी ने गाजा में जेनसाइड का समर्थन किया था, इसलिए उन्हें सत्ता से हटाया जाना चाहिए। कई उम्मीदवारों के नारे ही थे कि Punish Labour for supporting Israel।

इन मुस्लिम उम्मीदवारों ने हलाल खाने को लेकर वोट मांगे और कहा कि वे हलाल खाने की उपलब्धता को बढ़ाएंगे। उन्होनें मस्जिदों और नमाज करने की जगहों के विस्तार और सुरक्षा के वायदे किये। उन्होनें यह भी कहा कि वे हर कीमत पर मुस्लिम मूल्यों की रक्षा करेंगे और लड़कियों के लिए माडेस्ट ड्रेस की वकालत की।

संक्षेप में उन्होनें मुस्लिम पहचान की राजनीतिक आवाज को बुलंद किया।

यह बहुत हैरानी की बात है कि जिस लेबर ने मुस्लिम वोटबैंक के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा एवं हितों को अनदेखा किया, उसे ही मुस्लिम विरोधी पार्टी बनाकर मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। संख्या के हिसाब से बर्मिंघम में सबसे ज्यादा मुस्लिम हैं।

हालांकि बर्मिंघम में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। रिफॉर्म यूके सबसे बड़ा दल बनकर उभरा है, मगर उसके पास भी पर्याप्त 51 सीटें नहींहैं और वह ग्रीन पार्टी से 2 ही सीट आगे हैं।

ग्रीन पार्टी भी वामपंथी विचारधारा की पार्टी है और वह भी गाजा का समर्थन करती है। उसने भी फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई थी। हाँ, जहां इंडिपेंडेंट अलाइअन्स गाजा का समर्थन और एलजीबीटीक्यू समुदाय का विरोधी था तो वहीं ग्रीन पार्टी गाजा के साथ एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों का भी समर्थन कर रही है।

इसमें भी कई मुस्लिमों को टिकट दिए और कई जीते भी। जबकि इंडिपेंडेंट अलाइअन्स ने ग्रीन पार्टी पर एलजीबीटीक्यू विचारधारा और अश्लीलता के समर्थन का आरोप लगाया था।

यह कहा जा सकता है कि लेबर पार्टी ने जिस मुस्लिम वोटबैंक के लिए जमीन आसमान एक किया, उसने केवल फिलिस्तीन वाले मामले को लेकर उसे मुस्लिम विरोधी बताकर अपना रहनुमा या तो इंडिपेंडेंट अलाइअन्स को चुना या फिर ग्रीन को!

Topics: Akhter YaqubGaza Conflict ImpactRadicalisation in UKLabour PartyUK Local ElectionsBirmingham NewsIndependent AllianceShakil Afsar
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

वेस्टमिंंस्टर के सामने रैली में जुटी भारी भीड़

Battle Of Britain: ब्रिटिश अस्मिता जगाते हुए टॉमी रॉबिनसन ने कट्टर इस्लामवादियों के विरुद्ध खोला मोर्चा

UK Islamization Shabana mahmood PM

ब्रिटेन का इस्लामीकरण? पाकिस्तानी मूल की शबाना महमूद बन सकती हैं पहली मुस्लिम PM

London crime rises

लंदन में बढ़ता अपराध: चोरी, चाकूबाजी और आप्रवासियों का प्रभाव, देश छोड़ रहे लोग

British PM Keir starmer resignation

ब्रिटिश PM कीर स्टारमर को अखबार ने कहा ‘देश द्रोही’, विश्लेषक ने इस्लामोफोबिया, अवैध अप्रवास समेत कई कारण गिनाए

Britain Grooming gangs

रोथेरहम ग्रूमिंग गैंग के सदस्यों को मिली 6,00,000 यूरो की कानूनी सहायता: जीबी न्यूज़ का दावा

प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर अपना इस्तीफा पत्र दिखातीं ट्यूलिप

शेख हसीना की भतीजी ट्यूलिप को क्यों छोड़ना पड़ा Britain के वित्त मंत्री का पद! स्टार्मर सरकार के इस फैसले के पीछे क्या

Load More

ताज़ा समाचार

पर्यावरण दिवस पर विशेष : प्रकृति ही परमात्मा

rss karyakarta vikas varg nagpur concludes kumar mangalam birla speech

“संघ का कार्य अभूतपूर्व है” : नागपुर में बोले कुमार मंगलम बिरला, ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ के समापन पर दिया बड़ा मंत्र

rss karyakarta vikas varg nagpur mohan-bhagwat speech kumar mangalam birla

“दुनिया को भारत की आवश्यकता है” : डॉ. मोहन भागवत जी

rss path sanchalan karyakarta vikas varg nirala nagar lucknow

लखनऊ: RSS के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग’ का भव्य पथ संचलन, घोष की धुन और कदमताल से दिखा अनुशासन का अद्भुत नजारा

विश्व पर्यावरण दिवस :- स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन : आज की सबसे बड़ी आवश्यकता

5 जून का पंचांग

5 जून पंचांग: किस समय करें शुभ कार्य, क्या कहती है ग्रहों की स्थिति?

Constitution expert Dr Subhash Kashyap passes away

संविधान विशेषज्ञ और पद्म भूषण डॉ. सुभाष कश्यप का 97 वर्ष की उम्र में निधन, संसदीय जगत में शोक की लहर

ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी: बड़े मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी, लिखा- बदला, बदला, बदला

bijnor umar international meat factory-sealed 168 crore assets attached in cow smuggling

बिजनौर: ‘फिश फूड’ की आड़ में गोतस्करी, अतीक अहमद की 168 करोड़ की मीट फैक्ट्री सील

बशीर बद्र (फाइल फोटो)

असली जमींदार कौन? भारत की मिट्टी पर अधिकार: कब्रों से या कर्तव्यों से?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies