ईरान में से अब नया वीडियो सामने आया है। इसमें छोटी-छोटी (10 वर्ष से कम) लड़कियां निकाह के गुण गा रही हैं। जिस उम्र में तालीम लेनी चाहिए, उस उम्र में ईरान की बच्चियों के हाथों में मेहँदी रचा दी जाती है।
विवाह किसी भी सभ्यता को आगे ले जाने के लिए महत्वपूर्ण कारक होता है, लेकिन उम्र का भी ध्यान रखा जाता है। मगर यह प्रश्न सबसे महत्वपूर्ण है कि नई पीढ़ी को क्या धरोहर दी जा रही है? क्या ईरान के अधिकारी नई पीढ़ी को हिजाब और शादी तक ही समेटना चाहते हैं। इस वीडियो के विषय में एक यूजर ने चिंता जताई कि इसके बोल बहुत ही खतरनाक है।
उसने लिखा कि “शादी सुकून है।” इस साल का सबसे घिनौना प्रोपेगैंडा।
“Il matrimonio è calma”. La propaganda più schifosa dell’anno
In Iran il regime degli ayatollah ha deciso di andare al sodo: indottrina le bambine di 8-10 anni a sognare il matrimonio come fosse una favola.
Il video musicale ufficiale un vero e proprio prodotto di propaganda… https://t.co/YMQONmLcJ4
— Kambiz Shadmehr (@oceanswon) May 10, 2026
इस वीडियो में कुछ छोटी बच्चियाँ हिजाब में पूरी तरह से लिपटी हुई शादी के लिए गाना गा रही हैं। कांबिज शदमहर नामक यूजर ने लिखा कि गाने के बोल सिहरन पैदा करने वाले हैं।
“शादी शांति है, शादी आशा है, शादी शक के पुलों को पार कर रही है। मैं अच्छाई की दूत हूँ, मैं साथ का रास्ता हूँ। मेरे हमसफ़र, अपना हाथ मेरे हाथ में दे दो।“
इसमें लिखा है कि यह खतरनाक इसलिए है क्योंकि कहीं न कहीं इसमें छोटी उम्र की लड़कियों की शादी का संकेत है। ईरान में हालांकि 13 वर्ष की उम्र में शादी कानूनी है, मगर अगर जज और पिता तैयार होते हैं तो उसे इससे पहले भी करा जा सकता है। हर साल ईरान में हजारों छोटी लड़कियों की शादी अक्सर ऐसे वयस्कों के साथ की जाती है, जो उनके पिता हो सकते हैं।
यह कोई मासूम सी स्कूल की प्रार्थना नहीं है, बल्कि यह सरकार का प्रोपोगैंडा है, कि वह छोटी छोटी हिजाब पहने लड़कियों की आवाजों का इस्तेमाल बलात्कार को वाइड बनाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। वे अगली पीढ़ी की बाल वधुओं को ग्रूम कर रही है कि वह इस्लामिक क्रांति के लिए औलादें पैदा करें। यही सत्ता में बैठे राजनीतिक इस्लाम का चेहरा है, कोई अधिकार नहीं, कोई आजादी नहीं, कोई समानता नहीं।
इस यूजर ने लिखा कि यह वीडियो कोई सांस्कृतिक सीमा नहीं है अपितु यह आरोप लगाता हुआ दस्तावेज़ है। कोई भी व्यक्ति जो भी शासन का बचाव इस वीडियो के लिए करेगा, वह इस उत्पीड़न का भी समर्थन करेगा।
मूल रूप से इस वीडियो को Throwback Iran ने पोस्ट किया है। कई यूजर्स ने लिखा कि यह वाकई में शैतानी है और इस तरह से लड़कियों को इस्तेमाल करना पाप है।
पुराना है वीडियो
हालांकि आज इस वीडियो पर चर्चा हो रही है, परंतु यह वीडियो वर्ष 2025 का है। एक यूजर ने लिंक साझा किया, जिसमें उसने वीडियो के बहाने बच्चियों के निकाह पर अपने विचार रखे थे। उसने लिखा ईरान सरकार ने “youthfulness of the population के बैनर तले एक नीति मशीन बनाई है कि जल्दी शादियों और तेज प्रजनन दर को इनाम दें और यह वस्त्रों, अभिव्यक्ति और महिलाओं के सार्वजनिक जीवन पर कई नियम बनाता है।
बाल निकाह में बढ़ोतरी
ईरान में तेजी से बाल निकाह बढ़े हैं। और यह नीतियों का परिणाम है। इसमें Adam & Eve” (Adam o Havvaa) नामक शादी कराने वाली वेबसाइट भी है, जो अधिकारियों की अनुमति के अनुसार हजारों सफल शादियों की कहानियाँ साझा करती है और कार्यकर्ताओं ने निकाह के लिए कतार में लगी 10–15 लड़कियों के प्रोफाइल का दस्तावेजीकरण किया है, जिनकी मध्यस्थता उनके माता-पिता और प्लेटफ़ॉर्म संचालकों ने की है।
फेमिनिस्ट महिलाओं की चुप्पी
जो इस वीडियो से और अन्य चीजों से सामने आ रहा है वह इस स्क्रिप्ट और गाने के पीछे एक ऐसे शोषण की कहानी है, जो उन्हें डेमोग्राफिक परिवर्तन के लिए एक मोहरा बनाती है। इसमें कॉन्सेंट का कोई फॉर्मूला ही नहीं है, क्योंकि बच्चियाँ कैसे अपने मन से कम उम्र में शादी के लिए हाँ कर सकती है। और सबसे बढ़कर महिलाओं का अपना कोई जीवन नहीं है, उनका अस्तित्व केवल सरकारी है। उन्हें क्या करना है, क्या पहनना है, गाना है और किसका पालन करना है और यहाँ तक कि कब शादी करनी है, सब कुछ सरकार ही बताती है। मगर महिलाओं के इस अंतहीन शोषण पर फेमिनिस्ट महिलाओं की चुप्पी सालती है।

















