Congress Leadership Crisis Gaurav Gogoi Defeat । पांच प्रदेशों के विधानसभा चुनाव ने कांग्रेस पार्टी को उसके जनाधार की हकीकत खोलकर रख दी है। कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित तौर पर 99 सीट जीतकर बहुत ही अधिक जोश और उमंग में आ गई थी। मगर लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा और अन्य चुनावों ने कांग्रेस पार्टी के जनाधार की कलई खोल दी है।
कांग्रेस के खिलाफ जनता का कड़ा संदेश
अभी संपन्न हुए पांच प्रदेशों के चुनावों में कांग्रेस पार्टी को गहरा झटका लगा है। कांग्रेस पार्टी के दो बड़े लोकसभा सदस्य अपना विधानसभा चुनाव हार गए हैं। असम के जोरहाट से निर्वाचित असम कांग्रेस पार्टी के राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से अपना चुनाव हार गए हैं। गौरव गोगोई लोकसभा में पार्टी के उपनेता भी हैं। अतः जोरहाट में गौरव गोगोई की हार केवल एक उम्मीदवार की हार नहीं, बल्कि यह संपूर्ण कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल के खिलाफ जनता का जनमत है।
पुडुचेरी में वी. वैथिलिंगम की जमानत जब्त: 8 बार के विधायक और 2 बार के CM की ऐसी दुर्गति क्यों?
इसके अलावा पुडुचेरी के लगातार दो बार से सांसद और पूर्व में दो बार के मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी के वी. वैथिलिंगम का तट्टनचावडी विधानसभा सीट पर बुरी तरह हारना कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। तट्टनचावडी विधानसभा सीट पर वी. वैथिलिंगम की जमानत जब्त हो गई है और वे चौथे पायदान पर आए हैं। इससे पूर्व वी. वैथिलिंगम केवल अपने पहले चुनाव 1980 में ही हारे थे। वी. वैथिलिंगम लगातार आठ बार विधानसभा और दो बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं।
संसदीय नेतृत्व पर उठते सवाल
कांग्रेस पार्टी की असम के जोरहाट से गौरव गोगोई और पुडुचेरी के तट्टनचावडी विधानसभा सीट से वी. वैथिलिंगम की हार कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल के खिलाफ जनता का निर्णय दर्शाती है। कांग्रेस पार्टी के नेता और सांसद अपने क्षेत्रों में इतने अलोकप्रिय हो गए हैं कि वे विधानसभा का चुनाव भी नहीं जीत पा रहे हैं।
मेघालय का उदाहरण: क्या इतिहास खुद को दोहरा रहा है?
कांग्रेस पार्टी के साथ ऐसी ही घटना 2023 में मेघालय विधानसभा चुनाव में हुई थी। मेघालय की राजधानी शिलांग लोकसभा सीट से 2019 में कांग्रेस पार्टी के सांसद विन्सेंट पाला ने सुतंगा सैपुन्ग विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, मगर वे चुनाव हार गए। इस परिणाम का असर यह हुआ कि लगातार तीन बार के शिलांग लोकसभा सीट के सांसद विंसेंट पाला 2024 में चुनाव हार गए और कांग्रेस पार्टी का वर्तमान में मेघालय में एक भी विधायक नहीं है।
आगामी समय के लिए संकेत
अतः गौरव गोगोई और वी. वैथिलिंगम का चुनाव परिणाम भी कांग्रेस पार्टी के लिए इन राज्यों में आने वाले समय में मेघालय जैसी ही राजनीतिक स्थिति पैदा करते दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी का इन पांच प्रदेशों में केरल को छोड़कर किसी भी प्रदेश में संतोषजनक प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है।

















