भुवनेश्वर: ओडिशा के मलकानगिरी जिले में पुलिस ने एक बड़ी एंटी-नारकोटिक्स कार्रवाई करते हुए चित्रकोंडा क्षेत्र में संचालित एक मोबाइल हशीश ऑयल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित पदार्थ, रासायनिक प्रीकर्सर और उपकरण जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 100 रुपये करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों से प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई, जिसमें एक अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। पुलिस के अनुसार यह गिरोह मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का इस्तेमाल कर रहा था और लगातार स्थान बदलकर सख्त निगरानी और छापेमारी से बचने की कोशिश कर रहा था।
रविवार तड़के पुलिस को बड़ी सफलता उस समय मिली जब एसडीपीओ चित्रकोंडा प्रदोष प्रधान के नेतृत्व में एक टीम ने चित्रकोंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एस्सार चक के पास, सिले रु जाने वाले मार्ग पर एक संदिग्ध वाहन को रोका। इस पूरे अभियान की निगरानी मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही थी।
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस ने करीब 800 लीटर रासायनिक प्रीकर्सर और सॉल्वेंट बरामद किए, जिनका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले हशीश ऑयल के निर्माण में किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार इन रसायनों से लगभग समान मात्रा में हशीश ऑयल तैयार किया जा सकता था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹100 करोड़ आंकी गई है।

इसके अलावा, पुलिस ने 50 किलोग्राम गांजा और 2 लीटर तैयार हशीश ऑयल भी जब्त किया है। वाहन के भीतर एक पूरी तरह से सुसज्जित मोबाइल निर्माण इकाई भी पाई गई, जिसमें विशेष एक्सट्रैक्शन उपकरण शामिल थे। इस यूनिट को भी जब्त कर लिया गया है। तस्करी में प्रयुक्त वाहन आंध्र प्रदेश पंजीकरण का था जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई पाई गई। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, चालक मौके का फायदा उठाकर पास के घने जंगल में फरार हो गया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह चित्रकोंडा क्षेत्र में हशीश ऑयल निर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बना रहा था। लेकिन पुलिस के लगातार दबाव और सतर्कता के कारण उन्हें अपनी गतिविधियों को मोबाइल स्वरूप में संचालित करना पड़ा।
फिलहाल, पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ने, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, वाहन की जानकारी जुटाने और कच्चे माल के स्रोत तथा तैयार माल की संभावित आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है। यह कार्रवाई फरवरी महीने में कोरापुट जिले में हुई एक बड़ी सफलता के बाद सामने आई है। उस समय ओडिशा पुलिस ने जलापुट जलाशय के पास पदुआ थाना क्षेत्र में एक बड़े कैनाबिस ऑयल निर्माण नेटवर्क का पर्दाफाश किया था और ₹200 करोड़ से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए थे। यह अभियान ‘निशामुक्त ओडिशा अभियान’ के तहत चलाया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी को समाप्त करना है। लगातार मिल रही इन सफलताओं से यह स्पष्ट है कि दक्षिणी ओडिशा में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मलकानगिरी मामले में आगे की जांच जारी है।

















