देहरादून: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर क्लॉक टावर देहरादून में दीप प्रज्वलन,श्रद्धांजलि एवं मौन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौर अपने प्राण गंवाने वाले लाखों निर्दोष हिंदू लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
12 लाख हिन्दुओं का नरसंहार
उल्लेखनीय है कि बंटवारे के दौरान करीब 12 लाख हिंदुओं लोगों का क़त्ल किया गया और उसका जिक्र किसी इतिहास में दर्ज तक नहीं किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की घोषणा लाल किला से कर उन लाखों हिंदुओं के बलिदान को श्रद्धा सुमन अर्पित किए थे। देहरादून महानगर पंजाबी महासभा के अध्यक्ष बल्देव प्रराशर ने बताया कि वह विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि असंख्य परिवारों के घर, रिश्ते, सपने और जीवन उजड़ने की पीड़ादायक त्रासदी थी। उन सभी ज्ञात-अज्ञात वीरों, माताओं-बहनों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को शत्-शत् नमन करते हुए कैंडल मार्च निकाल कर उन्हें श्रद्धा भाव प्रकट किए गए।
उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, समाज के वरिष्ठजनों तथा सभी साथियों का हृदय से आभार प्रकट किया जिन्होंने अपनी सहभागिता से इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम को गरिमापूर्ण बनाया। आइए, इतिहास की उस पीड़ा को स्मरण करते हुए आज हम संकल्प लें कि देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को सदैव मजबूत बनाए रखेंगे।

















