खाड़ी युद्ध के चलते देश में दुनियाभर में तेल और एलपीजी LPG सिलेंडर की कमी चल रही है। लेकिन भारत सरकार लगातार इस संकट से निकलने की कोशिश कर रहा है। इस बीच एक और राहत की खबर सामने आई है। वो ये कि 45 हजार टन LPG ले कर भारतीय सुपर टैंकर ‘सर्वशक्ति’ अमेरिकी नाकेबंदी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर गया है। यह टैंकर जल्द ही भारत पहुंचने वाला है। टैंकर का चालक दल पूरी तरह भारतीय है।
जानकारी के अनुसार, इसे कड़ी सुरक्षा के साथ भारतीय बंदरगाह पर लाया जाएगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कार्गो शिप भारतीय कंपनियों को गैस सप्लाई करने वाला है। हालांकि, IOC की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।
पहले भी एक टैंकर पहुंच चुका है
इससे पहले ‘देश गरिमा’ नाम का एक और टैंकर तेल लेकर मुंबई पोर्ट पर पहुंच चुका है। दोनों मामलों में भारतीय जहाजों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफर पूरा किया है।
तनाव की वजह से होर्मुज में क्या हो रहा है
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। आमतौर पर दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस व्यापार इसी रास्ते से होता है। अमेरिका ने ईरान पर नाकेबंदी लगा रखी है। इस्लामाबाद में बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने इस इलाके में नाकेबंदी बढ़ा दी। इसके चलते सैकड़ों जहाज वहां फंस गए हैं।
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अमेरिका की चेतावनी
अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने शुक्रवार को जहाजरानी कंपनियों को साफ चेतावनी दी है। अगर कोई कंपनी होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को कोई शुल्क देती है, तो उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।यह चेतावनी सिर्फ नकद भुगतान तक सीमित नहीं है। इसमें डिजिटल परिसंपत्तियां, अनौपचारिक अदला-बदली या किसी भी तरह का वस्तु-आधारित भुगतान भी शामिल है।
ईरान की तरफ से व्यवस्था
28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज में जहाजों पर हमले की धमकियां दीं और कुछ हमले भी किए। इससे सामान्य आवाजाही लगभग बंद हो गई। बाद में ईरान ने कुछ जहाजों को अपनी तटरेखा के करीब वैकल्पिक रास्तों से सुरक्षित निकालना शुरू किया। इस सेवा के बदले कई बार शुल्क भी लिया गया। अमेरिका इसी ‘टोल’ जैसी व्यवस्था पर आपत्ति जता रहा है।
13 अप्रैल को ईरान द्वारा जलडमरूमध्य बंद करने के जवाब में अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकेबंदी लगा दी। इससे ईरानी तेल टैंकरों को बाहर जाने से रोका गया। अमेरिकी मध्य कमान के अनुसार, नाकेबंदी के बाद 45 वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने को कहा गया।

















