पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू, बौद्ध, सिख और ईसाइयों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं। इन्हें देखते हुए विश्व हिंदू परिषद ने संयुक्त राष्ट्र से तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप करने की मांग की है। बता दें कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष अन्नालेना बेयरबॉक दो दिवसीय दौरे पर भारत आई थीं। उनकी इस यात्रा को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने ई-मेल से उन्हें एक पत्र भेजा। इसमें उन्होंने दोनों देशों में हिंदू, सिख, बौद्ध और ईसाई समुदायों के साथ हो रहे उत्पीड़न, कन्वर्जन और हिंसा के मामलों की चर्चा की है।
पत्र में संयुक्त राष्ट्र की हाल की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान में नाबालिग लड़कियों के कन्वर्जन और निकाह के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। इन मामलों में अधिकांश पीड़ित महिलाएं हिंदू और ईसाई समुदाय से संबंधित हैं। विशेष रूप से सिंध प्रांत में ऐसी घटनाएं अधिक सामने आई हैं। पीड़ितों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह पत्र में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव के अनेक मामलों का उल्लेख किया गया है। श्री आलोक कुमार ने कहा कि इन घटनाओं की निरंतरता और व्यापकता संकेत देती है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी है कि वे इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं।

















