उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही केरल की हिंदू छात्रा सावरिया बसंत की हत्या का मामला सामने आया है। हत्या के आरोप में उसके सहपाठी सदरुल अनाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि सावरिया के इस्लाम अपनाने से इनकार करने पर सदरुल अनाम ने उनकी बेटी की हत्या कर दी। उसने मारने से पहले बसंत को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत प्रताड़ित किया था। उज्बेकिस्तान के जांच अधिकारियों ने भी खुलासा किया कि आरोपी छात्रा पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बना रहा था। मृतका के पूरे शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। छात्रा का शव केरल लाए जाने के बाद स्थानीय पुलिस ने माता-पिता की शिकायत पर हत्या की जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कौन है आरोपी?
सावरिया बसंत (22) केरल के अलपुझा जिले के हरिपद की रहने वाली थी। वह उज्बेकिस्तान में बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा थी। आरोपी सदरुल अनाम मलप्पुरम जिले का रहने वाला है और बसंत का क्लासमेट था। यह घटना पिछले शुक्रवार (3 जुलाई) की है। आरोप है कि कॉलेज कैंपस में दोनों की तीखी बहस हुई। इससे गुस्साए आरोपी सदरुल ने भारी लैपटॉप से सावरिया के सिर पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, परिवार वालों का आरोप है कि केवल लैपटॉप मारना ही उसकी मौत का अकेला कारण नहीं है। उनका दावा है कि उसे मानसिक और शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया।
जबरन कन्वर्जन का आरोप
परिजनों ने दावा किया है कि उनकी बेटी पर आरोपी ने कन्वर्जन का दबाव बनाया था। वहीं, उज्बेकिस्तान पुलिस की जांच में कई चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने घटना से पहले आरोपी सदरुल को छात्रा पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डालते और उसे टॉर्चर करते हुए देखा था। मृतका के शरीर पर गंभीर चोटें मिली हैं, जिससे पता चलता है कि उसे बुरी तरह पीटा गया था। घटना की जानकारी मिलने पर माता-पिता तुरंत उज्बेकिस्तान पहुंचे और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अपनी बेटी का शव पैतृक गांव हरिपद ले आए।
केरल में भी हत्या का केस दर्ज
सावरिया का शव बुधवार (8 जुलाई) को केरल लाया गया और अलपुझा मेडिकल कॉलेज में दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया। गुरुवार को छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया। सीनियर पुलिस ऑफिसर बीनू कुमार ने बताया कि माता-पिता की डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ के पास दी गई लिखित शिकायत के आधार पर हरिपद पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 के तहत हत्या का केस दर्ज कर लिया है। माता-पिता की मांग है कि केरल पुलिस इस मामले की गहनता से जांच करे और आरोपी को उज्बेकिस्तान से भारत लाकर सख्त सजा दे।
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास कर रहा मदद
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीनू कुमार के मुताबिक, भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिये उज्बेकिस्तान में कानूनी जांच के दस्तावेज हासिल करने की कोशिशें चल रही हैं। अभी आरोपी सदरुल उज्बेकिस्तान की जेल में बंद है। अगर वहां की अदालत उसे कड़ी सजा सुनाती है, तो केरल में यह केस बंद हो जाएगा। हालांकि, अगर पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में कानूनी रुकावटें आती हैं, तो सरकार आरोपी को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू करेगी, ताकि उसे भारतीय कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सज़ा दी जा सके।

















