UK : ईरानी अप्रवासी ने 14 साल की छात्रा से किया बलात्कार, कोर्ट ने जेल के बजाय 'काउंसलिंग' की शर्त पर छोड़ा; भड़के लोग!
June 27, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

UK : ईरानी अप्रवासी ने 14 साल की छात्रा से किया बलात्कार, कोर्ट ने जेल के बजाय ‘काउंसलिंग’ की शर्त पर छोड़ा; भड़के लोग!

यूके में एक 14 वर्षीय ईरानी अप्रवासी द्वारा अपनी सहपाठी के साथ बलात्कार के मामले में कोर्ट के फैसले ने सबको चौंका दिया है। जेल के बजाय अपराधी को 'सहमति' (Consent) समझने के लिए काउंसलिंग का आदेश दिया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है इसका विरोध।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Apr 27, 2026, 03:35 pm IST
in विश्व
Protests in UK over court decision on Iranian immigrant teenager rape case.

ब्रिटेन में ईरानी किशोर द्वारा बलात्कार के मामले में कोर्ट के 'नरम' फैसले पर छिड़ा विवाद।

क्या कभी ऐसी कल्पना की है कि बाहर से कुछ लोग किसी देश में शरण लेने के लिए आएं और फिर देखते ही देखते वे ऐसे हो जाएं कि वहां की बेटियां सुरक्षित ही न रह पाएं। वे बेटियों के लिए खतरा बन जाएं और फिर कानून से भी उन्हें सजा न मिले? यह एक ऐसा परिदृश्य है, जो आपको हैरान कर देगा।

परंतु यूके में ऐसा नहीं है। यूके मे ऐसा सहज होता रहता है। कई मामले ऐसे आए हैं, जहां पर शरणार्थियों या आप्रवासियों के कारण लड़कियों को ही निशाना बनाया गया हो। उन्हें ही कुर्बान कर दिया गया हो। मगर हाल का मामला कुछ और चौंकाने वाला है।

अभी जो मामला सामने आया है, उसमें 14 वर्ष के ईरानी लड़के को सजा के रूप में एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।

मगर यह जागरूकता किसलिए और किस विषय पर?

एक चौदह वर्षीय ईरानी लड़का नाव के जरिए ब्रिटेन में कदम रखता है। जिसका कोई साथी नहीं था। वह एक फ़ॉस्टर केयर में रहता था। उस लड़के की पढ़ाई भी यहाँ पर शुरू हो गई और वह बेडफोर्डशायर में पढ़ने लगा।

वहीं पर उसकी नजर एक 14 वर्षीय लड़की पर पड़ी। जो उसके साथ ही पढ़ती थी। उसने उस लड़की पर हमला किया और दबोच लिया। वे लोग स्कूल में मिले और फिर दोस्त बन गए। पिछले साल 23 सितंबर को वह उसे जबरन एक पार्क में झाड़ियों के बीच ले गया और बलात्कार किया।

Migrant crisis: अवैध अप्रवासियों से भरता जा रहा ब्रिटेन, इस साल अब तक 33,000 से अधिक पहुंचे

पीडिता के वकील के अनुसार लड़की बार बार उससे अनुरोध करती रही कि वह उसे छोड़ दे और “नहीं, नहीं” करती रही, मगर उस लड़के ने अनुसना कर दिया। इस बलात्कार के कुछ घंटों के बाद ही उस किशोरी ने अपने साथ हुई घटना को सोशल मीडिया पर लिखा।

thesun के अनुसार इतने गंभीर अपराध के बाद भी उस लड़के को सजा नहीं हुई। जो उसके पास रेकॉर्ड्स हैं, उनके अनुसार उस लड़के को जेल नहीं हुई, क्योंकि जेल भेजना किशोरों के मामले में सबसे अंतिम विकल्प होता है।

एक चौदह वर्षीय लड़के ने एक चौदह वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार किया, मगर उसके इतने जघन्य अपराध के बाद भी उसे जो सजा सुनाई गई, उसे सुनकर लोग हैरान है और परेशान हैं। वे भौचक्के हैं कि ऐसा भी कुछ हो सकता है?

क्या सजा सुनाई गई.?

अब यह प्रश्न है कि आखिर ऐसी क्या सजा सुनाई गई? उसे सजा सुनाई गई कि उसे जागरूकता दी जाए। उसे री हैबिलिएशन ऑर्डर दिया गया। इसमें उसके लिए सुनिश्चित किया गया कि वह “कॉन्सेंट की समझ, उसकी सीमाओं और पीडिता की जागरूकता के विषय में समझ बढ़ा सके।

हाँ, उसे अपराध स्थल पर जाने से भी रोक दिया गया। उसके ऊपर दो वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया गया कि वह अपराध के क्षेत्र या आसपआस के क्षेत्र में जाएगा नहीं।

ब्रिटिश मुस्लिम आम ब्रिटिश नागरिकों की तुलना में ईरान के शासन के प्रति अधिक सकारात्मक

हालांकि इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज है। इस सजा का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि इस लड़के को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए क्योंकि बलात्कार का यूके में कोई स्थान नहीं है। शैडो होम सेक्रेटरी क्रिस फिलिप ने मांग की कि उसे जेल भेजा जाए और बलात्कारियों के लिए जेल ही अंतिम विकल्प होनी चाहिए।

उनका कहना है कि ऐसे अपराध लेबर सरकार में लगातार हो रहे हैं, जो सीमाओं पर से अपना नियंत्रण खो चुकी है और इसका विकल्प यही है कि कन्सर्वटिव पार्टी की बॉर्डर योजना को लागू किया जाए, जिससे कि सभी आप्रवासियों को बाहर भेजा जा सके।

लड़की के परिजन निराश हैं

इस अजीबोगरीब फैसले को लेकर लड़की के परिजन निराश हैं। वे इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर इतने जघन्य अपराध के बाद भी उस अपराधी के चेहरे पर कोई पश्चाताप के निशान नहीं थे और फिर भी उस अपराधी को सजा नहीं दी गई। उनका कहना है कि बलात्कारी अभी तक आजाद है और वह फिर से ऐसा कुछ कर सकता है।  पीडिता जहां पूरी ज़िंदगी अपने साथ हुए अपराधों का दंश लेकर रहेगी, वहीं अपराधी ऐसे घूमेगा, जैसे कुछ हुआ ही न हो।

कई अपराध हो रहे हैं

ऐसा नहीं है कि यही एक अपराध हुआ है। या इसी एक सजा पर यूके में बवाल मचा है और लोग हंगामा कर रहे हैं। दरअसल एक ही समय में कई मामले सामने आ रहे हैं। जब यह फैसला आया, तो उससे तीन ही दिन पहले ही तीन लोगों को सामूहिक बलात्कार के मामले में सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया था। ब्रिघ्टन में तीन आदमियों को एक सामूहिक बलात्कार का दोषी करार दिया गया था।

ब्रिटेन का नौवां सबसे अमीर व्यक्ति देश छोड़ दुबई शिफ्ट हुआ, कहा- ‘ब्रिटेन हो गया बर्बाद’

खतरनाक देशों में अपराधियों को वापस नहीं भेज सकते हैं

यह और महत्वपूर्ण बात है। जो भी देश खतरनाक हैं, वहाँ पर उन लोगों को वापस नहीं भेजा जा सकता है, जिन्होंने ब्रिटेन में अपराध किया हो। thesun के अनुसार ऐसे किशोर, जिन्होनें अकेले ही शरण ली है, उन्हें ब्रिटेन से वापस डेपोर्ट नहीं किया जाता है क्योंकि उनके पास वयस्कों की तुलना में अधिक सुरक्षा होती है और ब्रिटेन ईरान में अपराधियों को नहीं भेजता है, क्योंकि वह बहुत खतरनाक है।

परंतु लोग यह प्रश्न कर रहे हैं कि खतरनाक देशों के लोग उनके यहाँ आकर ऐसे जघन्य कृत्य क्यों करते हैं?

Topics: UK Crime NewsImmigration in UKIranian Migrant Rape CaseBritish Justice SystemConsent Counselingईरानी अप्रवासीबलात्कार का मामलायूके समाचारLabour government
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

एक ट्रांस वुमन अर्थात आदमी बच्चे के सामने हुआ नग्न : मीडिया ने बताया महिला, तो लोगों ने कहा सच लिखो

John Fredrcson left UK

ब्रिटेन का नौवां सबसे अमीर व्यक्ति देश छोड़ दुबई शिफ्ट हुआ, कहा- ‘ब्रिटेन हो गया बर्बाद’

Britain Illegal migrants

ब्रिटेन अवैध अप्रवासी संकट: ईस्टर के दिन ही रिकॉर्ड देश में घुसे 251 प्रवासी

प्रतीकात्मक चित्र

यूके में महिला डॉक्टर्स के साथ यौन शोषण, चौंकाने वाला खुलासा

दिल्ली सरकार में सीनियर अधिकारी पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, निलंबन का आदेश जारी, लगा POCSO एक्ट

Load More

ताज़ा समाचार

प्रतीकात्मक चित्र

NCB रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: भारत में 100 गुना बढ़ी ड्रोन से ड्रग तस्करी, पंजाब बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट!

Emergency Andolan Aur Vishwasghat Book Launch Ajay Sethia Ram Bahadur Rai KN Govindacharya

आपातकाल लोकतंत्र नहीं, इंदिरा गांधी की सत्ता बचाने का फैसला था : रामबहादुर राय

Operation sindoor

ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस की ओछी राजनीति : रक्षा मंत्री के भाषण को गलत तरीके से किया जा रहा पेश, फैलाया जा रहा झूठ

Operation sindoor

ऑपरेशन सिंदूर: वीर बलिदानी जवानों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में फैली अफवाह, रक्षा मंत्रालय ने बताई सच्चाई

Haridwar Kumbh 2027 Highways Project NHAI Spur to Haridwar Bypass Road Construction

हरिद्वार कुंभ 2027: NHAI ने बिछाया सड़कों का जाल, दिल्ली-पश्चिमी यूपी से आना होगा बेहद आसान!

प्रतीकात्मक चित्र

मुहर्रम : स्कूल की दीवार तोड़कर ताजिया ले जाने की जिद, पुलिस ने रोका तो कर दिया हमला, 11 आरोपी गिरफ्तार

सुभाष आर्य

कांग्रेस ने अभी तक देश से माफी नहीं मांगी है

सुनील शेट्टी ने कहा कि वह पीएम मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।

सुनील शेट्टी बोले- प्रधानमंत्री मोदी में कुछ तो मैजिकल है

28 जून का पंचांग

28 जून का पंचांग: जानें शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रहों की स्थिति

सोनिया गांधी

सोनिया गांधी का लेख मुस्लिम तुष्टिकरण और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत की परिणति?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies