UK : ईरानी अप्रवासी ने 14 साल की छात्रा से किया बलात्कार, कोर्ट ने जेल के बजाय 'काउंसलिंग' की शर्त पर छोड़ा; भड़के लोग!
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UK : ईरानी अप्रवासी ने 14 साल की छात्रा से किया बलात्कार, कोर्ट ने जेल के बजाय ‘काउंसलिंग’ की शर्त पर छोड़ा; भड़के लोग!

यूके में एक 14 वर्षीय ईरानी अप्रवासी द्वारा अपनी सहपाठी के साथ बलात्कार के मामले में कोर्ट के फैसले ने सबको चौंका दिया है। जेल के बजाय अपराधी को 'सहमति' (Consent) समझने के लिए काउंसलिंग का आदेश दिया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों हो रहा है इसका विरोध।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Apr 27, 2026, 03:35 pm IST
in विश्व
Protests in UK over court decision on Iranian immigrant teenager rape case.

ब्रिटेन में ईरानी किशोर द्वारा बलात्कार के मामले में कोर्ट के 'नरम' फैसले पर छिड़ा विवाद।

क्या कभी ऐसी कल्पना की है कि बाहर से कुछ लोग किसी देश में शरण लेने के लिए आएं और फिर देखते ही देखते वे ऐसे हो जाएं कि वहां की बेटियां सुरक्षित ही न रह पाएं। वे बेटियों के लिए खतरा बन जाएं और फिर कानून से भी उन्हें सजा न मिले? यह एक ऐसा परिदृश्य है, जो आपको हैरान कर देगा।

परंतु यूके में ऐसा नहीं है। यूके मे ऐसा सहज होता रहता है। कई मामले ऐसे आए हैं, जहां पर शरणार्थियों या आप्रवासियों के कारण लड़कियों को ही निशाना बनाया गया हो। उन्हें ही कुर्बान कर दिया गया हो। मगर हाल का मामला कुछ और चौंकाने वाला है।

अभी जो मामला सामने आया है, उसमें 14 वर्ष के ईरानी लड़के को सजा के रूप में एक जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।

मगर यह जागरूकता किसलिए और किस विषय पर?

एक चौदह वर्षीय ईरानी लड़का नाव के जरिए ब्रिटेन में कदम रखता है। जिसका कोई साथी नहीं था। वह एक फ़ॉस्टर केयर में रहता था। उस लड़के की पढ़ाई भी यहाँ पर शुरू हो गई और वह बेडफोर्डशायर में पढ़ने लगा।

वहीं पर उसकी नजर एक 14 वर्षीय लड़की पर पड़ी। जो उसके साथ ही पढ़ती थी। उसने उस लड़की पर हमला किया और दबोच लिया। वे लोग स्कूल में मिले और फिर दोस्त बन गए। पिछले साल 23 सितंबर को वह उसे जबरन एक पार्क में झाड़ियों के बीच ले गया और बलात्कार किया।

Migrant crisis: अवैध अप्रवासियों से भरता जा रहा ब्रिटेन, इस साल अब तक 33,000 से अधिक पहुंचे

पीडिता के वकील के अनुसार लड़की बार बार उससे अनुरोध करती रही कि वह उसे छोड़ दे और “नहीं, नहीं” करती रही, मगर उस लड़के ने अनुसना कर दिया। इस बलात्कार के कुछ घंटों के बाद ही उस किशोरी ने अपने साथ हुई घटना को सोशल मीडिया पर लिखा।

thesun के अनुसार इतने गंभीर अपराध के बाद भी उस लड़के को सजा नहीं हुई। जो उसके पास रेकॉर्ड्स हैं, उनके अनुसार उस लड़के को जेल नहीं हुई, क्योंकि जेल भेजना किशोरों के मामले में सबसे अंतिम विकल्प होता है।

एक चौदह वर्षीय लड़के ने एक चौदह वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार किया, मगर उसके इतने जघन्य अपराध के बाद भी उसे जो सजा सुनाई गई, उसे सुनकर लोग हैरान है और परेशान हैं। वे भौचक्के हैं कि ऐसा भी कुछ हो सकता है?

क्या सजा सुनाई गई.?

अब यह प्रश्न है कि आखिर ऐसी क्या सजा सुनाई गई? उसे सजा सुनाई गई कि उसे जागरूकता दी जाए। उसे री हैबिलिएशन ऑर्डर दिया गया। इसमें उसके लिए सुनिश्चित किया गया कि वह “कॉन्सेंट की समझ, उसकी सीमाओं और पीडिता की जागरूकता के विषय में समझ बढ़ा सके।

हाँ, उसे अपराध स्थल पर जाने से भी रोक दिया गया। उसके ऊपर दो वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया गया कि वह अपराध के क्षेत्र या आसपआस के क्षेत्र में जाएगा नहीं।

ब्रिटिश मुस्लिम आम ब्रिटिश नागरिकों की तुलना में ईरान के शासन के प्रति अधिक सकारात्मक

हालांकि इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज है। इस सजा का विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि इस लड़के को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए क्योंकि बलात्कार का यूके में कोई स्थान नहीं है। शैडो होम सेक्रेटरी क्रिस फिलिप ने मांग की कि उसे जेल भेजा जाए और बलात्कारियों के लिए जेल ही अंतिम विकल्प होनी चाहिए।

उनका कहना है कि ऐसे अपराध लेबर सरकार में लगातार हो रहे हैं, जो सीमाओं पर से अपना नियंत्रण खो चुकी है और इसका विकल्प यही है कि कन्सर्वटिव पार्टी की बॉर्डर योजना को लागू किया जाए, जिससे कि सभी आप्रवासियों को बाहर भेजा जा सके।

लड़की के परिजन निराश हैं

इस अजीबोगरीब फैसले को लेकर लड़की के परिजन निराश हैं। वे इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर इतने जघन्य अपराध के बाद भी उस अपराधी के चेहरे पर कोई पश्चाताप के निशान नहीं थे और फिर भी उस अपराधी को सजा नहीं दी गई। उनका कहना है कि बलात्कारी अभी तक आजाद है और वह फिर से ऐसा कुछ कर सकता है।  पीडिता जहां पूरी ज़िंदगी अपने साथ हुए अपराधों का दंश लेकर रहेगी, वहीं अपराधी ऐसे घूमेगा, जैसे कुछ हुआ ही न हो।

कई अपराध हो रहे हैं

ऐसा नहीं है कि यही एक अपराध हुआ है। या इसी एक सजा पर यूके में बवाल मचा है और लोग हंगामा कर रहे हैं। दरअसल एक ही समय में कई मामले सामने आ रहे हैं। जब यह फैसला आया, तो उससे तीन ही दिन पहले ही तीन लोगों को सामूहिक बलात्कार के मामले में सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया था। ब्रिघ्टन में तीन आदमियों को एक सामूहिक बलात्कार का दोषी करार दिया गया था।

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खतरनाक देशों में अपराधियों को वापस नहीं भेज सकते हैं

यह और महत्वपूर्ण बात है। जो भी देश खतरनाक हैं, वहाँ पर उन लोगों को वापस नहीं भेजा जा सकता है, जिन्होंने ब्रिटेन में अपराध किया हो। thesun के अनुसार ऐसे किशोर, जिन्होनें अकेले ही शरण ली है, उन्हें ब्रिटेन से वापस डेपोर्ट नहीं किया जाता है क्योंकि उनके पास वयस्कों की तुलना में अधिक सुरक्षा होती है और ब्रिटेन ईरान में अपराधियों को नहीं भेजता है, क्योंकि वह बहुत खतरनाक है।

परंतु लोग यह प्रश्न कर रहे हैं कि खतरनाक देशों के लोग उनके यहाँ आकर ऐसे जघन्य कृत्य क्यों करते हैं?

Topics: British Justice SystemConsent Counselingईरानी अप्रवासीबलात्कार का मामलायूके समाचारLabour governmentUK Crime NewsImmigration in UKIranian Migrant Rape Case
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